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1490 KM दूर पिता का अंतिम संस्कार, बिहार में वीडियो कॉल पर बिलखते रहे बच्चे; गरीबी के कारण नहीं पहुंच सके हरियाणा

Published: Thu, 01 Oct 2026 10:50 PM (IST)

रोजगार की तलाश में बिहार से टोहाना आए 51 वर्षीय किशन लाल शर्मा की एक झगड़े में चोट लगने से मृत्यु हो गई।

सैकड़ों किलोमीटर दूर पिता का अंतिम संस्कार, मोबाइल स्क्रीन पर बिलखते रहे बेटा-बेटी।

सैकड़ों किलोमीटर दूर पिता का अंतिम संस्कार, मोबाइल स्क्रीन पर बिलखते रहे बेटा-बेटी।

HighLights

  1. बिहार से टोहाना आए किशन लाल शर्मा की दुखद मृत्यु

  2. आर्थिक तंगी के कारण परिवार अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा

  3. पुलिस ने वीडियो कॉल से परिवार को अंतिम दर्शन करवाए

संवाद सहयोगी, टोहाना। रोजगार की तलाश में बिहार से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोहाना आए 51 वर्षीय किशन लाल शर्मा की बुधवार को अंतिम विदाई बेहद मार्मिक रही। टोहाना के श्मशान घाट में जब उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब बिहार स्थित घर में मौजूद उनके स्वजन मोबाइल स्क्रीन के जरिये इस दर्दनाक पल के साक्षी बन रहे थे।

अपनों के बीच अंतिम समय में मौजूद रहने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक तंगी, दूरी और अलग-अलग स्थानों पर रहने के कारण परिवार के सदस्य टोहाना नहीं पहुंच सके। ऐसे में पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिये उन्हें अंतिम दर्शन करवाए। मृतक की पहचान आधार कार्ड से की, उसके बाद तकनीकी शाखा से नंबर लेकर उसकी पहचान भी वॉट्सऐप कॉल करके करवाई गई।

पूर्णिया जिले के गांव चरलुवा निवासी किशन लाल शर्मा रोजगार की तलाश में करीब 10 दिन पहले ही टोहाना आया था। यहां वह मजदूरी कर परिवार के लिए रोजी-रोटी जुटाने में लगा था। 28 सितंबर को किसी बात को लेकर बिहार के मधुबनी जिले के गांव ढंगराहा निवासी ओमप्रकाश के साथ उसकी कहासुनी हो गई। इसी दौरान उसके सिर पर गंभीर चोट लग गई।

चोट लगने के बाद किशन लाल की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। चौकी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि मामले में गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। चंडीगढ़ रोड चौकी पुलिस ने आरोपित ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया गया है।

पत्नी की 15 साल पहले हो चुकी मौत, परिवार बिखरा हुआ

किशन लाल की पत्नी अनीता देवी की करीब 15 साल पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार की जिम्मेदारी किशन लाल के कंधों पर थी। उनके परिवार में बुजुर्ग मां लुखीया देवी, बेटा रोहित, बेटी अन्नू और अन्य रिश्तेदार हैं। बेटा रोहित पुणे में मजदूरी करता है, जबकि बेटी अन्नू गुरुग्राम में अपने पति के साथ रहती है। भतीजी कविता समेत अन्य स्वजन बिहार में रहते हैं।

अचानक किशन लाल की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन कम समय में इतनी दूर टोहाना पहुंचना उनके लिए संभव नहीं था। परिवार के लोग फोन पर लगातार पुलिस से संपर्क में रहे और अंतिम संस्कार के समय अपने प्रियजन को आखिरी बार देखने की इच्छा जताई।

पुलिस ने वीडियो कॉल पर जोड़ा परिवार, छलके आंसू

जांच अधिकारी मंजीत सिंह ने मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए गांव के मुखिया और मृतक के स्वजन से संपर्क किया। इसके बाद अंतिम संस्कार के समय उन्हें वीडियो कॉल के जरिये जोड़ा गया। जैसे ही मोबाइल स्क्रीन पर किशन लाल का पार्थिव शरीर नजर आया, बिहार में मौजूद उनकी बुजुर्ग मां, बेटे और बेटी की आंखों से आंसू छलक पड़े।

एक तरफ टोहाना के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की रस्में चल रही थीं तो दूसरी ओर मोबाइल स्क्रीन पर परिवार के सदस्य रोते-बिलखते नजर आ रहे थे। बेटे-बेटी और अन्य स्वजन ने वीडियो कॉल के माध्यम से ही किशन लाल को अंतिम विदाई दी। आर्थिक मजबूरी और सैकड़ों किलोमीटर की दूरी के कारण भले ही अपनों का कंधा नसीब नहीं हुआ, लेकिन पुलिस की पहल से परिवार अंतिम दर्शन कर सका।

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