जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

जिले में गांव बड़ोपल में केंद्रीय विद्यालय बना हुआ है। विद्यालय अच्छा होने के कारण अभिभावकों ने अपने बच्चों का भी दाखिला भी करवा दिया। लेकिन पढ़ाई के मामले में यह स्कूल पिछड़ गया है। सातवीं कक्षा में अधिकतर बच्चे मंथली टेस्ट में फेल हो गए। जिसमें साइस व मैथ में अधिक बच्चे फेल हो गए है। ऐसे में कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम भी इस स्कूल से कटवा लिया है। इसी से खफा बच्चों के अभिभावकों ने जिला के अधिकारियों को शिकायत सौंपी। जिसमें बताया है कि स्कूल में पढ़ाई का स्तर लगातार गिर रहा है। कई बार पीटीएम में शिक्षा को लेकर चर्चा की हुई। स्कूल प्रबंधकों ने उनकी सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में गत दिनों हुए मंथली टेस्ट में में सातवीं कक्षा के अधिकांश विद्यार्थी का परिणाम खराब रहा।

शिकायत देने आए राजवीर खिचड़, विकास पूनिया, रामनिवास भादू, बलदेव जागूं, संदीप राज व अजय भादू ने बताया कि स्कूल में अब पढ़ाई सही से नहीं हो रही। स्कूल में विद्यार्थी बढ़ने की बजाए कम हो रहे है। अनेक अभिभावकों ने अपने बच्चों के नाम कटवा कर निजी स्कूल में लिखवा दिया है। उन्होंने मांग कि जब सरकार शिक्षा पर लाखों रुपये खर्च कर रही है। पंचायत ने भी करोड़ों रुपये की जमीन स्कूल के नाम कर दी है। उसके बाद भी अध्यापकों की रूचि पढ़ाई करवाने में नहीं है। इसके चलते बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ गए। अभिभावक विकास ने बताया कि उसके भाई सुंदर का लड़का इसी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। जब नाम कटवाकर निजी स्कूल में लिखवाया तो उसका नाम दूसरी कक्षा में लिखा। ऐसे में सुशिक्षित स्टाफ होने के बाद भी स्कूल में पढ़ाई नहीं हो रही। गत दिनों वे प्रिसिपल से मिले थे। प्रिसिपल ने तो स्पष्ट कह दिया कि स्कूल में पढ़ाई ऐसे ही होगी, किसी अभिभावक को अपने बच्चे का नाम दूसरे स्कूल में लिखवाना चाहते है तो वे स्कूल लिविग सर्टीफिकेट देने को तैयार है। ऐसे में अब उन्होंने उपायुक्त, डीडीपीओ, सीएमजीजीए व डिप्टी डीईओ को शिकायत देकर मांग की है कि केंद्रीय विद्यालय बड़ोपल में पढ़ाई का स्तर सुधारा जाए। ताकि उनके बच्चों की पढ़ाई सही से हो।

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तीन वर्ष पहले शुरू हुआ था स्कूल

गांव बड़ोपल में केंद्रीय विद्यालय स्कूल तीन वर्ष पहले शुरू हुआ था। शुरूआत पहली से पांचवीं कक्षा तक हुई। अब सातवीं कक्षा तक विद्यार्थी स्कूल में पढ़ते है। अगले पांच साल में स्कूल 12वीं कक्षा तक हो जाएगा। शुरूआत में ग्रामीणों का रूझान इस स्कूल में अधिक था। ग्रामीणों का मानना था कि सीबीएसई बोर्ड का स्कूल होने से पढ़ाई अच्छी होगी। लेकिन अब ग्रामीण स्कूल में पढ़ाई सही न होने के चलते आक्रोशित है।

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ऐसी कोई बात नहीं है। हम पढ़ाई केवीएस के नार्म के अनुसार करवाते है। मैंने किसी अभिभावकों को नहीं कहा कि पढ़ाई नहीं होती तो अपने बच्चों का नाम कटवा ले। स्कूल में पढ़ाई सही व पाठ्यक्रम के अनुसार हो रही है।

- कर्मजीत नैन, प्रिसिपल केंद्रीय विद्यालय बड़ोपल।

Posted By: Jagran

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