मुकेश खुराना, फतेहाबाद

दीपावली पर शहर और गांवों में बिकी मिठाइयां खाने लायक नहीं थीं कई मिठाइयों में भारी मिलावट थी, जो कि सेहत के लिए खतरनाक है। ड्रग एवं फूड सेफ्टी विभाग की तरफ से दीपावली पर लिए गए खाद्य पदार्थो की जांच रिपोर्ट आ गई है। 28 में से 16 खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट विभाग के पास लैब से पहुंची है। इनमें से 50 फीसद सैंपल फेल पाए गए हैं। तीन सैंपल ऐसे मिले हैं जो कि खाने लायक ही नहीं थी, इसके अलावा पांच सैंपल सब स्टैंडर्ड और मिस ब्रांड मिले हैं। अभी 12 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है।

जिन दुकानों व फैक्टरियों से ड्रग एवं फूड सेफ्टी विभाग ने सैंपल लिए थे और उनके सैंपल फेल मिले हैं उन्हें नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस के जवाब के बाद विभाग अगली कार्रवाई शुरू करेगा। विभाग के अधिकारियों की माने तो मिस ब्रांड और स्टैंडर्ड मिले सैंपल के दुकानदारों को पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।

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किसी में मिला केमिकल तो कहीं मिली फफूंदी :

विभाग ने दीपावली पर जिन मिठाइयों के सैंपल लिए और फेल पाए गए उनमें पेठा मिठाई, चमचम, मिल्क केक, कस्टर्ड पाउडर, बादाम खताई बिस्कुट, रसगुल्ला शामिल है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रतिया से लिया गया पेठा मिठाई का सैंपल अनसेफ और मिस ब्रांड पाया गया है। पेठा मिठाई में केमिकल मिला है। गांव अलीका के एक मिठाई की दुकान से लिए गया चमचम का सैंपल अनसेफ पाया गया है। इसमें केमिकल मिला है। इसके अलावा फतेहाबाद के अशोक नगर में मिठाई की दुकान से लिया गया मिल्क केक का सैंपल अनसेफ पाया गया है। ये भी खाने लायक नहीं मिला है। इसमें फंगस पाई गई है। गांव नूरकी अहली के एक मिठाई की दुकान से लिया गया खोया बर्फी का सैंपल सब स्टैंडर्ड पाया गया है। रतिया के टोहाना रोड से लिए बादाम खताई बिस्कुट का सैंपल मिल ब्रांड मिला है। रतिया में कंफेक्शनरी से लिया गया कस्टर्ड पाउडर का सैंपल मिस ब्रांड मिला है। फतेहाबाद के हिसार रोड दुकान से लिया गया बर्फी का सैंपल सब स्टैंडर्ड मिला है। माजरा रोड से लिया गया रसगुल्ला का सैंपल भी सब-स्टैंडर्ड पाया गया है।

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जानिए कैसे कम होती है गुणवत्ता :

सब स्टैंडर्ड : इस श्रेणी के तहत अगर मिठाई में कोई दूसरा खाद्य पदार्थ डालकर उसकी गुणवत्ता को कम किया गया है तो दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान। जैसे मावे की बर्फी में फैट कम होना, रसगुल्ले में मावे के अलावा दूसरा खाद्य पदार्थ मिलाना आदि शामिल है। ---------मिस ब्रांडेड:इसके तहत ब्रांडेड मिठाइयों के डिब्बों पर या मिठाई में कमी मिलने पर कार्रवाई का प्रावधान। यानि की डिब्बे पर जो लिखा है वह खाद्य पदार्थ के अंदर नहीं पाया जाता है। --------अनसेफ : इसमें अगर मिठाई में कोई केमिकल या रंग की मात्रा अधिक मिलती है तो उसे अनसेफ माना गया है। इसमें दुकानदार के खिलाफ कोर्ट में मामला चलता है।

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आमतौर पर खुले में मिठाइयां बिकने और इनमें मिलावट की शिकायत रहती हैं। मिठाइयों में मिलावट से फूड प्वॉयजनिग हो सकती है। अगर इसमें केमिकल की मात्रा ज्यादा हो और लगातार ऐसी मिठाइयों का सेवन किया जाए तो लीवर से लेकर कैंसर तक बीमारियां हो सकती हैं।

- डा.अंशुल सहगल

फिजिशियन, सछ्वावना अस्पताल

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दीपावली से पहले चुनाव की व्यस्तता थी, लेकिन इसके बावजूद मिठाइयों के काफी सैंपल लिए गए थे। 16 सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है। इसमें से आठ सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें तीन सैंपल अनसेफ मिले हैं। संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। आम जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है।

- सुरेंद्र पूनिया

खाद्य सुरक्षा अधिकारी, फतेहाबाद

Posted By: Jagran

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