NIT में 7वें दिन आ रहा पानी, फरीदाबाद के अफसरों पर बरसे केंद्रीय मंत्री; जल्द काम पूरा करने के निर्देश
फरीदाबाद की एनआईटी विधानसभा में पानी की किल्लत का मुद्दा दिशा बैठक में उठा, जहां विधायक सतीश फागना ने अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाया।

दिशा की बैठक में समस्याएं सुनते हुए केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर। फोटो: जागरण
HighLights
एनआईटी में पानी की किल्लत का मुद्दा दिशा बैठक में उठा
विधायक सतीश फागना ने अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाया
केंद्रीय मंत्री ने यमुना पानी लाइन का काम तेज करने को कहा
दीपक पांडे, फरीदाबाद। एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में पानी की किल्लत का मुद्दा दिशा की बैठक में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के सामने उठा। एनआईटी विधायक सतीश फागना ने अधिकारियों पर विधानसभा क्षेत्र के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां लोगों को सातवें दिन पानी मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पानी के लिए लोग परेशान हैं, लेकिन क्षेत्र में न तो बूस्टर बनाए जा रहे हैं और न ही पानी की अधूरी लाइन का काम पूरा हो रहा है।
विधायक की शिकायत पर केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और यमुना से एनआईटी तक आ रही पानी की लाइन का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जून 2027 तक मंझावली से एनआईटी और बड़खल तक सीधे पानी पहुंचाने की योजना की जानकारी भी दी गई।
सातवें दिन पानी, लोगों की बढ़ी परेशानी
सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में हुई दिशा की बैठक में विधायक सतीश फागना ने एनआईटी की पानी की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी विधानसभा के लोगों को सातवें दिन पानी मिल रहा है।
विधायक ने आरोप लगाया कि फरीदाबाद प्राधिकरण के अधिकारी उनकी विधानसभा के साथ लगातार भेदभाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी की समस्या के बावजूद क्षेत्र में नए बूस्टर नहीं बनाए जा रहे हैं और पानी की लाइन का काम भी अधूरा पड़ा है।
यमुना की लाइन तेजी से पूरी करने निर्देश
मामला सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने यमुना से एनआईटी में आ रही पानी की लाइन का काम तेजी से पूरा करने को कहा।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जब लोगों को पानी नहीं मिलेगा, तब समस्या की गंभीरता का पता चलेगा। बैठक में पानी की आपूर्ति से जुड़ी परियोजना को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया।
जून 2027 तक सीधे पानी पहुंचाने योजना
बैठक में बताया गया कि जून 2027 तक मंझावली से एनआईटी और बड़खल तक सीधे पानी पहुंचाने की योजना है। इसके लिए करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
योजना का उद्देश्य मंझावली से एनआईटी और बड़खल तक पानी की सीधी आपूर्ति सुनिश्चित करना है। फिलहाल विधायक की शिकायत का केंद्र एनआईटी में पानी की आपूर्ति के बीच लंबा अंतर और अधूरी बुनियादी सुविधाएं रहीं।
पिछली बैठक में सड़क पर फटकार
दिशा की पिछली बैठक में भी केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों के सामने सड़क से जुड़ी समस्या को लेकर नाराजगी जताई थी। इस बार बैठक में एनआईटी की पानी की समस्या को लेकर अधिकारियों से जवाब-तलब और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
