Delhi Blast: कहां से आया शाहीन के पास इतना कैश? लाॅकर से मिले 18 लाख, खाड़ी देशों के नोट और सोने के बिस्किट
सफेदपोश आतंकी डॉ. शाहीन के लॉकर से 18 लाख रुपये, खाड़ी देशों की मुद्रा और सोने के बिस्कुट बरामद हुए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे खाड़ी देशों से फंडिंग के सबूत मिले हैं। इस मामले में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और स्टाफ से दोबारा पूछताछ की जाएगी। यह भी जांच की जा रही है कि शाहीन तक 18 लाख रुपये किसने पहुंचाए।

दीपक पांडेय, फरीदाबाद। सफेदपोश आतंकी डाॅ. शाहीन के लाॅकर से जांच एजेंसियों को 18 लाख रुपये के साथ खाड़ी देशों की करंसी और सोने के दो बिस्किट मिले हैं। बृहस्पतिवार देर रात शाहीन को एनआईए फरीदाबाद लेकर आई थी। पहले वह आतंकी डाॅक्टर को नेहरू ग्राउंड लेकर गई थी। जहां से विस्फोटक तैयार करने के लिए केमिकल खरीदा गया था।
करीब एक घंटे तक जांच एजेंसी ने वहां पर रिकार्ड खंगाला। इसके बाद एजेंसी डाॅक्टर को लेकर यूनिवर्सिटी और खोरी जमालपुर ले गई। यूनिवर्सिटी में शाहीन और वाइस चांसलर को आमने सामने बैठाकर सवाल जवाब किए गए थे। फिर शाहीन को लेकर उसके फ्लैट में गई। जहां पर जांच एजेंसी ने उसकी अलमारी के लाॅकर से 18 लाख रुपये, चार देशों की करंसी और दो सोने के बिस्किट बरामद किए।
सूत्रों के अनुसार यह करंसी कुवैत, कतर, ओमान और यूएई की बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक शाहीन के कई करीबी आतंकी फंडिंग के लिए गैर सरकारी संगठनों के संपर्क में थे। जांच में यह खुलासा हुआ है कि पैसा मांगने वाले इस गिरोह का नेटवर्क खाड़ी देशों तक फैला हुआ था।
इसमें बहरीन, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल थे। यह करीबी एनजीओ के माध्यम से फंडिंग हासिल करते और उस रुपये को आतंकी गतिविधि में लगाते थे। बरामद हुई विदेशी करंसी इस अतराष्ट्रीय नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं।
नेटवर्क मजबूत करने में लगे थे सफेदपोश
सूत्रों के अनुसार सफेदपोश आतंकी फंडिंग होने वाली राशि का प्रयोग स्थानीय स्तर पर अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी कर रहे थे। क्योंकि डाॅ. मुजम्मिल के करीबी जिन लोगों को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। उन सभी की मदद मुजम्मिल ने रुपये देकर की थी।
इनमे सिरोही मजिस्द का इमाम, यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थित इमाम, धौज का रहने वाला वार्ड बाय शोएब और उमर की गाड़ी खंदावली पहुंचाने वाला वासिफ शामिल था। इन सभी को मदद के बहाने से मुजम्मिल द्वारा रुपये दिए गए थे।
धौज से पकड़े गए इमाम इश्तियाक के मदरसे को लेकर भी मुजम्मिल की ओर से फंडिंग की गई थी। जांच एजेंसी और क्राइम ब्रांच अभी और ऐसे लोगों की तलाश में है। जिनको इन सफेदपोश आंतकियों की ओर से रुपये देकर मदद की गई थी।
इतना कैश शाहीन के पास कहां से आया?
18 लाख रुपये नगदी और खाड़ी देशों की करंसी को लेकर जांच एजेंसियां दोबारा से वीसी और स्टाफ के लोगों से पूछताछ करेगी। क्योंकि यूनिवर्सिटी की ओर से शाहीन के खाते में वेतन डाला जाता था। ऐसे में यह नगदी किस तरह से किसने शाहीन को पहुंचाई। इसकी जांच की जा रही है। अभी तक दिल्ली ब्लास्ट मामले में करीब 200 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है।

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