Delhi Blast: दो टूटी शादियां... एक लव स्टोरी और आतंक का रास्ता, आतंकी डॉक्टर की जिंदगी का काला सच
दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में शाहीन सईद नामक एक डॉक्टर की कहानी सामने आई है। टूटी शादियां और मुजम्मिल शकील से मुलाकात के बाद शाहीन कट्टरपंथी बन गई। वह जमात-उल-मोमिनात से जुड़ गई और उसे 'टेरर डॉक्टरों' की टीम बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लाल किले के पास 11 अक्टूबर को हुए ब्लास्ट की जांच में सामने आई कहानी सिर्फ आतंक की नहीं, बल्कि इसमें एक कड़ी ऐसी भी है, जहां एक डॉक्टर की निजी जिंदगी उथल-पुथल, टूटे रिश्ते और नए रिश्ते में मिला भावनात्मक सहारा, सब मिलकर उसे धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर खींच ले गए।
आतंकी की कहानी की यह कड़ी है, 46 वर्षीय शाहीन सईद। जिसे दिल्ली विस्फोट मामले में प्रमुख आरोपी बनाया गया है, ये वही डॉक्टर हैं जिनके बारे में जांच एजेंसियां कह रही हैं कि उन्होंने “टेरर डॉक्टर्स” का नेटवर्क खड़ा करने में भूमिका निभाई।
लखनऊ के डालीगंज से दिल्ली तक पहुंची शाहीन
लखनऊ के घनी आबादी वाले डालीगंज इलाके में पली-बढ़ी शाहीन सईद पढ़ाई में तेज थी। इलाहाबाद से MBBS और बाद में फार्माकोलॉजी में स्पेशलाइजेशन किया। पिता सरकारी कर्मचारी, परिवार पढ़ा-लिखा और सामाजिक रूप से सम्मानित था। कभी किसी को अंदाजा नहीं था कि शाहीन का जीवन इतना बड़ा मोड़ लेगा।
पहली शादी, दो बच्चे और 10 साल बाद टूटा रिश्ता
2003 में शाहीन सईद की शादी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जफर हयात से हुई। दोनों के दो बच्चे हुए। डॉ हयात के मुताबिक, “हमारे बीच झगड़ा कभी हुआ ही नहीं। शाहीन बेहद प्यार करने वाली और परिवार को जोड़कर रखने वाली थी। कभी सोच भी नहीं सकता कि वे ऐसी किसी चीज में शामिल होंगी।”
शाहीन का विदेश में बसने का सपना, काम का दबाव और जीवन में स्थिरता की चाहत को पहली शादी में तलाक का कारण माना जाता है। 2012 में दोनों अलग हो गए और इसके बाद शाहीन में बदलाव आने लगा। कॉलेज में पढ़ाना बंद कर दिया, लोगों से संपर्क टूट गया और 2021 में उनकी नौकरी भी चली गई।
दूसरी शादी भी न बची और फिर... मुजम्मिल की इंट्री
तलाक के बाद शहीन सईद ने गाजियाबाद के एक व्यापारी से शादी की, लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा समय नहीं चल पाया। और फिर जिंदगी में आया मुजम्मिल शकील।
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शाहीन की मुलाकात कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील से हुई, जो उसका जूनियर था। कॉलेज में एक साथ काम, रोज-रोज की मुलाकातों और एक ही पेशे ने दोनों को करीब कर दिया।
जांच में सामने आया कि दोनों ने सितंबर 2023 में यूनिवर्सिटी के पास एक मस्जिद में शादी कर ली। इस निकाल में महर की रकम थी, सिर्फ 6,000 रुपये। जांच एजेंसियों के अनुमसार यही रिश्ता शाहीन के कट्टरपंथ की ओर झुकाव की शुरुआत बना।
जमात-उल-मोमिनात से जुड़ाव और पाकिस्तानी लिंक
शादी के बाद शाहीन धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने लगीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात जमात-उल-मोमिनात (जैश-ए-मोहम्मद का महिला विंग) से जुड़े लोगों से हुई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, शाहीन को कट्टरपंथी विचारधारा सिखाई गई। उसे फंड और संदेशों की डिलीवरी में लगाया गया और साथ ही भारत में संगठन की गतिविधियों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में मौजूद मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर इस महिला विंग की प्रमुख है, और शाहीन को भारत में इसका संचालन सौंपा गया था।
परिवार का कहना- 'विश्वास ही नहीं होता'
शाहीन के भाई मोहम्मद शोएब का कहना है कि बीते चार वर्षों से उनका उनसे कोई संपर्क नहीं था। उन्होंने कहा, “हमने कभी भी उनके व्यवहार में ऐसा कुछ नहीं देखा कि वे किसी संदिग्ध गतिविधि में होंगी।” शाहीन के पिता भी आरोपों पर अविश्वास जताते हैं।
ब्लास्ट और ‘टेरर डॉक्टर्स’ का नेटवर्क
जांच में पता चला कि शाहीन को पांच ‘टेरर डॉक्टरों’ की टीम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें से शाहीन सईद, मुजम्मिल शकील और अदील अहमद राठर गिरफ्तार हो चुके हैं। डॉ. उमर ने कार में ब्लास्ट किया, जिसमें उसकी मोत हो गई।
लाल किले के पास हुए 10/11 ब्लास्ट में एक धीमी गति से चलती Hyundai i20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसे चलाने वाला आत्मघाती हमलावर उमर मोहम्मद उर्फ उमर-उन-नबी भी कश्मीरी डॉक्टर था और अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा पाया गया। हमले में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं।

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