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PMO की नजर के बावजूद अटका नोएडा एयरपोर्ट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 4600 करोड़ के प्रोजेक्ट पर फरीदाबाद में संकट

Published: Tue, 13 Oct 2026 05:39 PM (IST)

पीएमओ की निगरानी के बावजूद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तय समय पर पूरा नहीं हो पाएगा।

सोतई गांव की भूमि पर पाइलिंग का काम करती हुई मशीन। फोटो:  जागरण

सोतई गांव की भूमि पर पाइलिंग का काम करती हुई मशीन। फोटो: जागरण

HighLights

  1. सोतई गांव में भूमि अधिग्रहण से एक्सप्रेसवे निर्माण में देरी

  2. मोहना गांव में तटबंध निर्माण किसानों ने रुकवाया

  3. अप्रैल 2027 की डेडलाइन अब आगे बढ़ने की संभावना

सुभाष डागर, बल्लभगढ़। प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी के बावजूद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बनाए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण अपने तय समय पर पूरा नहीं हो पाएगा।

इसकी डेड लाइन करीब चार माह और आगे बढ़ गई है। सोतई गांव में करीब 900 मीटर जमीन पर कब्जा न मिलने की वजह से परियोजना पूरी करने में देरी हो रही है। अब सोतई गांव के किसानों की भूमि पर प्रशासन ने कब्जा लेकर पिलर बनाने का काम शुरू कर दिया है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सेक्टर-65 साहूपुरा से 32 किलोमीटर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। नौ किलोमीटर उत्तर प्रदेश और 23 किलोमीटर हरियाणा की सीमा में पड़ता है।

इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा 4600 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह आठ किलोमीटर एलिवेटेड बनाया जा रहा है।

एलिवेटेड के निर्माण कार्य में सोतई गांव के किसान सबसे बड़ी बाधा बने हुए थे। किसान 1300 मीटर लंबी दूरी पर कब्जा नहीं दे रहे थे।

अब प्रशासन ने पुलिस की मदद से यहां पर कब्जा ले लिया है। इस भूमि पर NHAI ने पिलर बनाने का काम भी शुरू कर दिया है।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम है अभी अधूरा

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य हाेने से फरीदाबाद, पलवल, नूंह, सोहना, गुरुग्राम, तावडू क्षेत्र के लोग नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से देश और विदेश की हवाई यात्रा कर सकेंगे।

फिलहाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण में सोतई, बहबलपुर, दयालपुर, फफूंडा, पन्हैड़ा खुर्द की भूमि में एलिवेटेड बनाने का काम अधूरा पड़ा हुआ है। सोतई की सीमा को छोड़ कर अन्य गांव की सीमा में पिलर बनाने का काम पूरा किया जा चुका है।

सोतई में किसानों द्वारा भूमि का कब्जा न दिए जाने के कारण पिलर बनाने का काम लटक गया। पिलर बनाने के बाद ऊपर कैप बनाई जाएंगी और फिर लिंटर डाला जाएगा।

यमुना पुल के नीचे तटबंध बनाने का काम है फिलहाल बंद

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए मोहना गांव के पास यमुना नदी पर पुल बनाया गया है। पुल यमुना में बाढ़ आने के दौरान बह न जाए इसलिए यहां पर तटबंध बनाने का काम चल रहा है।

तटबंध बनाने के काम को मोहना गांव के किसानों ने रुकवा दिया है। किसानों का कहना है कि उनकी 400 एकड़ भूमि यमुना में बाढ़ आने पर हमेशा पानी में डूबी रहेगी।

इस भूमि को NHAI खरीद ले या फिर उनके खेतों को लेकर पूर्व की दिशा में एक किलोमीटर लंबा तटबंध बनाए। किसानों का यह मामला पृथला के विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने विधानसभा में भी उठाया था।

सरकार ने फिलहाल NHAI को तटबंध बनाने का काम करने से रोक दिया है। इसकी वजह से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे समय पर तैयार नहीं हो पाएगा।

अप्रैल-2027 है अंतिम तारीख

केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निरीक्षण कर चुके हैं।

गड़करी ने NHAI के अधिकारियों को अप्रैल-2027 तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को तैयार करने के लिए कहा है। निर्माण कार्य की गति को देखते हुए यह समय पर तैयार होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को समय पर तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं। जितने दिन निर्माण कार्य किसानों के कारण लटका रहा है उससे कुछ समय बढ़ सकता है। फिलहाल निर्माण जोरों से चल रहा है। सोतई में पिलर बनाए जा रहे हैं।

-धीरज सिंह, परियोजना निदेशक NHAI

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