फरीदाबाद, जागरण संवाददाता।  नशा तस्कर बिजेंद्र उर्फ लाला और उसके परिवार द्वारा नशा तस्करी से की गई कमाई से ढाई एकड़ जमीन पर बनाई गए सेक्टर-22 में मछली मार्केट के नाम से प्रसिद्ध क्षेत्र में स्थित तीन मकान, 18 दुकानें, तीन बड़े गोदाम और एक कार्यालय पर मंगलवार को मनोहर सरकार का बुलडोजर चला। फरीदाबाद पुलिस और जिला प्रशासन ने सामूहिक कार्रवाई करते हुए विभिन्न इमारतें ध्वस्त कर दी।

यह फरीदाबाद पुलिस का अपराधियों पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। नशा तस्कर लाला द्वारा अवैध नशे की कमाई से अवैध कब्जे करके बनाई गई 25 इमारतों को ध्वस्त कर उसके काले साम्राज्य का एक तरीके से अंत माना जा रहा है।

लाला और उसके परिवार के अपराधों को लिस्ट बहुत लंबी है। इसमें हत्या, हत्या का प्रयास, एनडीपीएस, लड़ाई झगड़ा व अवैध शराब के 32 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमे 21 मुकदमे लाला के खिलाफ, उसके भाई कन्हैया, तीन मुकदमे लाला की साली पूजा तथा एक लाला की मां के खिलाफ दर्ज हैं

डीसीपी एनआआटी के नेतृत्व में कल फ्लैग मार्च निकालकर इस बारे में चेताया भी गया था , जिला प्रशासन द्वारा कब्जे हटाने का नोटिस भी दिया गया था।

तोड़फोड़ के दौरान जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट के अलावा डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा, डीसीपी एनआइटी नरेंद्र कादियान, एसीपी विष्णु प्रसाद ,एसीपी सुखबीर सिंह, एसएचओ मुझेसर सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। जिनकी देखरेख में तोड़फोड़ की सारी कार्रवाई शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न की गई।

पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने बताया कि नशा तस्कर बिजेंद्र उर्फ लाला पुत्र जॉनी द्वारा नशा व शराब तस्करी करके केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाई गई इमारतों में 25 इमारतों को ध्वस्त किया गया‌।

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की करीब ढ़ाई एकड़ जमीन पर कई जगह अवैध कब्जे किए हुए थे, जिसे कब्जा मुक्त करवाकर सीपीडब्ल्यूडी के हवाले किया गया। प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे हटाने का नोटिस दिया गया था। इसके पश्चात जिला उपायुक्त विक्रम कुमार के दिशा निर्देश पर नायब तहसीलदार बड़खल सुरेश कुमार, नायब तहसीलदार धौज करण कुमार तथा एमसीएफ एक्सईएन पदम भूषण को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। तोड़फोड़ से एक दिन पहले डीसीपी एनआइटी नरेंद्र कादियान के नेतृत्व में फ्लैग मार्च भी निकाला था। नशा तस्कर लाला व उसके परिजनों के अपराधों की लिस्ट बहुत लंबी है। शुरू में वह शराब तस्करी करने लगा और वर्ष 2011 से अवैध मकान बनाकर रह रहा है। इसके पश्चात आरोपित हत्या, नशा तस्करी, लड़ाई झगड़ा जैसी वारदातों में शामिल रहा। आरोपित लाला और उसके परिवार के खिलाफ फरीदाबाद में 32 मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा के अनुसार फरीदाबाद पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों को कड़े शब्दों में चेतावनी है कि वह गलत धंधे छोड़कर कोई अच्छा काम शुरू कर दें।

पुलिस द्वारा अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने वाले अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है, जिनके खिलाफ फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई इसी प्रकार जारी रहेगी।

Edited By: JP Yadav

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