फरीदाबाद, जागरण संवाददाता। खोरी बस्ती द्वारा वन क्षेत्र में बड़े स्तर पर कब्जे के मामले को हरियाणा सरकार गंभीरता से ले रही है। ऐसा दोबारा न हो, इसके भी इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब सरकार ने ड्रोन कॉरपोरेशन का गठन करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को दिल्ली आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस संबंध में जानकारी दी। सरकारी विभागों के लिए 200 ड्रोन कब्जे व अतिक्रमण रोकने के काम आएंगे। जिले में भी अरावली की पहाड़ी से लेकर अन्य जगह सरकारी जमीन पर बड़े स्तर पर कब्जे व अतिक्रमण हैं। यहां कभी-कभार ही अरावली में ड्रोन का प्रयोग किया जाता है। खोरी बस्ती में हुए अवैध निर्माणों का भी ड्रोन से सर्वे कराया गया था।

अरावली में हैं अवैध फार्म हाउस

अरावली में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण हैं। यहां 120 निर्माणों को तोड़ने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया था, लेकिन अवैध निर्माणों की पूरी जानकारी न मिलने की वजह से यह कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके अलावा फरीदाबाद सूरजकुंड रोड, फरीदाबाद गुरुग्राम रोड पर बड़ी संख्या में अवैध रूप से फार्म हाउस बने हुए हैं। यदि समय-समय पर यहां ड्रोन द्वारा सर्वे कराया जाता रहे तो पता रहेगा कि निर्माण कब-कब हुए। इससे प्रशासन के पास पुख्ता सबूत होगा और कानूनी कार्रवाई करने में आसानी होगी। इसके अलावा नगर निगम की काफी जमीन पर भी विभिन्न प्रकार के अतिक्रमण व कब्जे हैं। जिन पर समय-समय पर कार्रवाई होती रहती है। ऐसा ही हाल हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन का है। गौरतलब है कि फरीदाबाद सेक्टर-20ए और 20बी में पिछले दिनों 100 करोड़ से अधिक कीमत की जमीन से कब्जों का सफाया किया गया था। अभी भी 100 एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जे व अतिक्रमण बताया जा रहा है।

वहीं, राजकुमार (जिला वन अधिकारी) का कहना है कि अरावली में जरूरत पड़ने पर ड्रोन की मदद लेते रहे हैं। ड्रोन द्वारा सही स्थिति का पता लग जाता है। कम समय में सर्वे हो जाता है। ड्रोन से अतिक्रमण के बारे में तुरंत पता लग जाएगा तो कार्रवाई भी आसान होगी।

 

Edited By: Jp Yadav