फरीदाबाद, जागरण संवाददाता। दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए कैल गांव के पास हाईवे पर गाडर रखने के दौरान चार दिन यातायात प्रभावित रहेगा। एक्सप्रेस-वे निर्माण कर रही दिनेश चंद्रा आर.अग्रवाल इंफ्राकाम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पहले एक ही दिन में सारे गाडर रखना चाहती थी। इसके लिए कई घंटे हाईवे पर आवागमन बंद रखना पड़ता। वाहन चालकों की परेशानी को देखते हुए अब ये काम चार दिन में पूरा किया जाएगा। रोज 40 मिनट तक हाईवे को बंद कर काम किया जाएगा।

बता दें कि सात, आठ, 10 व 11 दिसंबर को गाडर रखे जाएंगे। इस दौरान यातायात डायवर्ट के लिए भी प्लान तैयार कर लिया गया है। आसपास के गांव से वाहनों को निकाला जाएगा इन सभी रास्तों की हालत ठीक नहीं है। इसलिए वाहन चालकों की परेशानी बढ़ सकती है।

एक गाडर रखने के लिए चाहिए 20 मिनट

कैल गांव के पास इंटरचेंज बनाया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे को हाईवे के दोनों तरफ जोड़ने के लिए गाडर रखे जाने हैं। एक गाडर रखने में करीब 20 मिनट का समय लगेगा। सभी गाडर साइट पर पहुंचा दिए गए हैं। केवल क्रेन की मदद से उठाकर पिलर्स पर रखना है। इन पिलर्स पर कुल आठ गाडर रखे जाने हैं। एक दिन में दो गाडर ही रखे जाएंगे। एक गाडर रखने के बाद यातायात शुरू कर दिया जाएगा। जब वाहनों का दबाव कम होगा तो फिर से दूसरे गाडर को रखने के लिए यातायात बंद कर दिया जाएगा। ये काम रोज सुबह साढ़े 10 से 11 बजे के आस-पास शुरू किया जाएगा। कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रबंधक हर्ष कौशिक ने बताया कि एक दिन में कई घंटे के लिए हाईवे पर यातायात बंद करने में दिक्कत थी। यातायात पुलिस की ओर से भी इस बाबत हरी झंडी नहीं मिली। इसलिए प्लान बदला गया है।

इन गांव से होकर निकलेंगे वाहन

पलवल की तरफ जाने वाले यातायात को बाईपास रोड पर मोड़कर साहूपुरा चौक से सुनपेड़ गांव की तरफ डायवर्ट किया जाए। यहां से वाहन चालक डीग व प्याला होते हुए वापस हाइवे तक पहुंच सकेंगे।

दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को पृथला गांव के पास दूधौला मोड से ततारपुर गांव की तरफ मोड़ा जा सकता है। यहां से जटौला, असावटी, डीग, सुनपेड़ व साहूपुरा होते हुए बाईपास रोड तक आ सकेंगे और यहां से कैल गांव के पास हाइवे पर पहुंच सकेगा। 

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Edited By: Abhi Malviya

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