फरीदाबाद, जागरण संवादाता: सूरजकुंड मेला परिसर में तुर्किये देश से भी कई शिल्पकार आए हैं। सोमवार को तुर्किये में भूकंप की सूचना मिलने के बाद दिनभर शिल्पकार चिंतित नजर आए और मोबाइल पर वहां रह रहे अपने स्वजन व सगे-संबंधियों और दोस्तों का हालचाल लेने का प्रयास करते रहे। नेटवर्क की दिक्कत होने के चलते उनकी ठीक से बातचीत नहीं हो पाई।

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36वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में तुर्किये के विभिन्न शहरों से शिल्पी यहां इटालियन गिलास की लाइट लैंप और कृतियां लेकर आए हैं। इनमें शिल्पकार हक्कान ओराही, उल्लास तथा हरउल्लाह का मुख्य चौपाल के पिछले हिस्से में अपना स्टाल है। शिल्पकार हक्कान ने बताया कि उनके परिवार में तो सब कुछ ठीक-ठाक है, लेकिन दोस्तों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, पर कुछ ठीक से पता नहीं चल पाया। और शिल्पी साथी भी दिनभर परेशान रहे।

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मेले में मिजोरम के परंपरागत शिल्प उत्पादों में पर्यटक दिखा रहे रुचि 

36वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में थीम स्टेट पूर्वोत्तर के सिक्किम, असम, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश तथा मिजोरम के परंपरागत शिल्प उत्पादों में पर्यटक रुचि दिखा रहे हैं।

सिक्किम की परंपरागत शिल्पकला टांका, असम की शिल्पकला, मेघालय की ऊन के समान धागे से बनी ऐरी तथा एक्रेलिक के उत्पाद, नगालैंड की शाल, कुशन कवर, त्रिपुरा की रिशा, फसरा, वैस्काट, मणिपुर की सूती शाल, मेकला, रनर्स, अरुणाचल प्रदेश के विशेषकर महिला शिल्पकारों व बुनकरों के उत्पाद व मिजोरम के शिल्पकारों के बैग, शाल, लेडी पर्स, किड्स वियर, पारंपरिक आभूषण आदि उत्पाद भी पर्यटकों को आकर्षित करते नजर आए।

सूरजकुंड मेला प्रबंधन कमेटी ने पर्यटकों को विभिन्न राज्यों के व्यंजनों से रूबरू कराने के लिए फूड स्टाल पर स्टाल लगाए गए हैं। यहां थीम स्टेट नार्थ ईस्ट की फूड स्टाल भी लगाई है। पर्यटकों ने नार्थ ईस्ट के व्यंजनाें का लुत्फ लिया।

Edited By: Himani Sharma