जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में प्लाट से संबंधित दस्तावेज में कोई भी गलती हो जाए तो इसका सुधार मुख्यालय पंचकूला से ही होता है। इससे उपभोक्ता बेहद परेशान हैं, क्योंकि गलती में सुधार के लिए यहां बैठे आइटी अधिकारियों से मेल भिजवानी पड़ती है। फिर इसमें सुधार के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है। इन गलतियों की वजह से ही आमजन की फाइलें लंबित रहती हैं। कई बार उपभोक्ता इस तरह की गलतियों में सुधार की शक्तियां जिला स्तर पर देने की मांग कर चुके हैं। एक बार फिर से फरीदाबाद एस्टेट एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से इस बारे में एचएसवीपी अधिकारियों को अवगत कराया गया है।

एसोसिएशन के महासचिव गुरमीत सिंह देयोल ने बताया कि संपदा कार्यालय में प्लाट के अलाटमेंट लेटर से लेकर कब्जा प्रमाण पत्र, प्लाट की किस्तें जमा करना, कन्वेंस डीड या सेल डीड और रि-अलाटमेंट लेटर जारी करने का काम होता है। यदि मकान बना हुआ है तो, उसका रिहायशी प्रमाण पत्र भी यहीं से दिया जाता है। इन सभी कार्यों को कराने में यदि कोई गलती हो जाए तो इसमें शुद्धीकरण का अधिकार भी यहीं अधिकारियों के पास होना चाहिए। यदि किसी के नाम में कोई गलती हो गई है, सरनेम गलत है या बदला जाना है तो उसके लिए पंचकूला के लिए मेल भेजनी पड़ती है। एसोसिएशन के पूर्व प्रधान जनक गोयल ने बताया कि इस वजह से जहां कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। वहीं साथ-साथ देरी से कार्य होने के कारण भ्रष्टाचार भी बड़े स्तर पर पनप रहा है। इससे सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है और जनता में भी विभाग व सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। इसलिए जो जरूरी शुद्धिकरण यहां हो सकता है, वह यहीं होना चाहिए। एचएसवीपी की प्रशासक मोनिका गुप्ता ने बताया कि यह समस्या जायज है। इस बारे में मुख्यालय में बैठे अधिकारियों को अवगत करा दिया है। जल्द गलतियों में सुधार की शक्तियां यहां के अधिकारियों को दे दी जाएंगी।

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