आयुष्मान भारत योजना : कई निजी अस्पताल स्कीम के पैनल से हुए बाहर, 12 हजार करोड़ रुपये का नहीं हो रहा भुगतान
प्रदेश के निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से भुगतान में देरी के कारण बाहर हो रहे हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ...और पढ़ें

फरीदाबाद के अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से भुगतान में देरी के कारण बाहर हो रहे।
HighLights
भुगतान में देरी से निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से अलग।
सरकार पर लगभग 1200 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान।
1 सितंबर को आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज नहीं होगा।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। प्रदेश के निजी अस्पतालों का आयुष्मान योजना से मोह भंग हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने अलग-अलग कारण बता कर आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज करने से मना कर दिया है और इस स्थिति से सरकार को अवगत करा दिया है।
पिछले कई महीने में लगभग 150 निजी अस्पतालों ने सेवाएं देने से हाथ खींचें हैं। इसका मुख्य कारण सरकार की ओर से अस्पतालों को समय पर भुगतान न किया जाना है। इस कारण से ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर एक सितंबर को पैनल के सथी निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत कार्डधारकों का इलाज नहीं करेंगे।
बता दें कि पहले प्रदेश में लगभग 660 निजी अस्पताल पैनल पर थे। अब लगभग 150 निजी अस्पतालों ने अपने आपको पैनल से अलग कर दिया है।
अलग-अलग कारण बताए
जो निजी अस्पताल पैनल से अलग हुए हैं, उन्होंने सरकार को अलग-अलग कारणों से अवगत कराते हुए अपने आपको किनारे कर लिया है। कई अस्पताल प्रबंधन ने लिखा है कि उन्हे समय पर भुगतान नहीं होता है। जो अस्पताल राजनीतिक दबाव से बचना चाहते हैं। उन्होंने भुगतान में देरी की बात न करके स्टाफ की कमी का हवाला दिया है।
कई अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि उनकी वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है कि इलाज के कई महीनाें तक भुगतान का इंतजार करते रहें। इसलिए वह आयुष्मान कार्डघारकों को सेवाएं नहीं दे सकते। जिले के कई निजी अस्पतालों ने स्वयं को पैनल से अलग कर लिया है। उन्होंने भी आयुष्मान योजना के तहत सेवा न दिए जाने के घुमा फिर कर कारण बताए हैं। उन्हें मालूम है कि जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उन पर किसी न किसी तरह का दबाव बना सकते हैं।
दो सितंबर को निजी अस्पताल प्रबंधकों के साथ होगी बैठक सरकार की ओर से दो सितंबर को निजी अस्पताल प्रबंधकों के साथ बैठक होगी। बैठक में आईएमए की टीम को बुलाया गया है। आईएमए की प्रांतीय टीम की ओर से सरकार को अवगत कराया गया था कि अगर 15 सितंबर तक भुगतान को लेकर ध्यान नहीं दिया गया तो इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है।
लगभग 1200 करोड़ का नहीं हो रहा भुगतान
प्रदेश के लगभग 500 निजी अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के सरकार से लगभग 1200 करोड़ रुपये लेने हैं। कई महीनों से इस मामले में निजी अस्पताल प्रबंधन सरकार से नाराज है।
भुगतान मामले में कोई गंभीर नहीं
आइएमए, हरियाणा की अध्यक्ष डॉ. सुनीला सोनी की ओर से आयुष्मान, हरियाणा के सीईओ को इलाज न किए जाने के फैसले से अवगत कराया गया है। अस्पताल बोर्ड आफ इंडिया, आइएमए के प्रदेश के चेयरमैन डा. अजय महाजन ने बताया कि अस्पताल इलाज तो करते हैं, मगर भुगतान के मामले में सरकार व अधिकारी कोई भी गंभीर नहीं है। इस वजह से अस्पताल पैनल से हटते जा रहे हैं।
इलाज कराना है ताे नागरिक अस्पताल आएं
आयुष्मान कार्डधारकों को अगर इलाज कराना है तो जिला नागरिक अस्पताल आए। यहां 24 घंटे सेवाएं मिलेंगी।
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