जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) : महिलाओं द्वारा आत्मरक्षा के लिए प्रयोग होने वाले स्प्रे से अनायास हुई एक घटना में एक शिक्षिका व 15 स्कूली बच्चों के अचेत होने का कारण बन गया। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सभी का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

घटनाक्रम के अनुसार बल्लभगढ़ में एक निजी स्कूल के छात्र को रास्ते में कहीं महिलाओं के लिए आपात स्थिति में प्रयोग में लाए जाने वाला स्प्रे मिल गया। छात्र उसे स्कूल में ले आया और रूम फ्रेशनर समझ कर कक्षा में छिड़काव कर प्रार्थना सभा में चला गया।

जब प्रार्थना सभा समाप्त हो गई और सुबह 9.45 पर बाकी छात्र-छात्राएं अपने कक्षा के कमरे में दूसरे तल पर पहुंचे, तो यहां पर सुरक्षा गार्ड के स्प्रे की सुगंध से वे अचेत होकर गिरने लगे। इस पर हड़कंप मच गया और छात्रों के अचेत होने की खबर सुनकर शिक्षक कोमल भी कमरे के अंदर पहुंचीं, तो वे भी गश खाकर गिर पड़ी। इसके बारे में स्कूल प्रबंधन को पता चल गया तो सभी बेसुध बच्चों व शिक्षिका को तुरंत अस्पताल ले गए। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने बाकी बच्चों की छुट्टी कर दी और प्रभावित बच्चों के अभिभावकों को सूचना दी। सूचना पाकर अभिभावक तुरंत बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे और उनका हाल-चाल पूछा। इनमें 14 बच्चों को निजी जैनिथ अस्पताल और एक छात्रा को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने फौरी तौर पर उपचार शुरू किया, तो कुछ समय बाद सभी की हालत में सुधार नजर आया। इसके बाद अभिभावकों व स्कूल प्रबंधन ने राहत की सांस ली। अमोनिया गैस में परिवर्तित हो गई था स्प्रे

जैनिथ अस्पताल के डॉक्टर माहेश्वर चावला का कहना है कि सुरक्षा गार्ड स्प्रे से अमोनिया गैस बन गई थी। गैस के प्रभाव में आने से प्रभावितों की आंखों में जलन, उल्टी, दस्त हो गए। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए वो बेसुध हो गए। सभी विद्यार्थी अब खतरे से बाहर हैं, पर प्रभावितों को 24 घंटे डॉक्टरों की देख-रेख में रखा जाएगा। सभी विद्यार्थी खतरे से बाहर हैं। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस स्प्रे को रखने के लिए पुलिस भी महिलाओं को सुझाव देती है। छिड़काव करने वाले छात्र की कोई गलत मंशा नहीं थी, उससे नादानी में यह सब हुआ है। बच्चे के अभिभावक को इस बारे में सचेत किया गया है।

-जयवीर राठी, एसीपी बल्लभगढ़ आठवीं कक्षा के छात्र को स्प्रे रास्ते में मिल गया था। उसने आम परफ्यूम समझ कर कमरे में छिड़क दिया, जिससे बच्चे बेहोश हो गए। अब जितने भी विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं, उन सभी का हम उपचार का खर्च वहन करेंगे।

-संतोष कुमार पाल, प्रधानाचार्य

Posted By: Jagran

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