विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे 18 किमी एरिया में विकसित होगा ग्रीन कॉरिडोर, सौदर्यीकरण के लिए प्रशासन का फैसला

Published: Wed, 09 Sep 2026 06:41 PM (IST)

फरीदाबाद में शहरी विकास प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे 18 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया गया।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे फरीदाबाद में बनेगा 18 किमी ग्रीन कॉरिडोर।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे फरीदाबाद में बनेगा 18 किमी ग्रीन कॉरिडोर।

HighLights

  1. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे किनारे 18 किमी ग्रीन कॉरिडोर बनेगा।

  2. सेक्टर 61-62 में 10 एकड़ में नगर वन विकसित होगा।

  3. इलेक्ट्रिक बस सेवा और सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। शहरी विकास प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में बुधवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में विभिन्न परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मंडलायुक्त संजय जून, निगमायुक्त यशेंद्र सिंह, एफएमडीए के सीईओ पीसी मीणा, डीसी आयुष सिन्हा, एचएसवीपी प्रशासक धीरज और अन्य संबंधित विभागों व एजेंसी के अधिकारी मौजूद रहे।

एक्सप्रेसवे किनारे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

उन्होंने निर्देश दिए कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड से लगभग 300 एमएम नीचे के स्तर को ध्यान में रखते हुए ग्रीन बेल्ट का समुचित विकास किया जाए। यहां दोनों ओर लगभग 17 से 18 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें उपयुक्त स्थानों पर पार्क विकसित करने की योजना भी शामिल है।

सेक्टर-61-62 डिवाइडिंग रोड पर लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में नगर वन विकसित करने की योजना है। ढेसी ने निर्देश दिए कि इलेक्ट्रिक बस सेवा के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे को समयबद्ध तरीके से तैयार किया जाए। निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) प्रबंधन की समीक्षा की।

विंड बैरियर जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी 

अधिकारियों ने बताया कि सीएंडडी वेस्ट उत्पन्न होने वाले क्षेत्रों की पहचान, साइट निरीक्षण, पीएम सेंसर, डिस्प्ले बोर्ड, ग्रीन नेट तथा विंड बैरियर जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।

पांच सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर चिन्हित किए जा चुके हैं तथा शेष स्थलों की पहचान निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएगी। वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक लागू किए जाने वाले एक्शन प्लान की समीक्षा की।

यह भी पढ़ें- बल्लभगढ़ अग्निकांड: फिर से पैर पसारता अतिक्रमण, पीड़ित दुकानदारों के लिए मुआवजा मांगने पहुंचीं शारदा राठौर