फरीदाबाद में सीवर ओवरफ्लो का गंदा पानी बना मौत का कारण, अब एक्शन मोड में प्रशासन; FMDA ने जारी किए 14 करोड़
फरीदाबाद की संजय कॉलोनी में सीवर ओवरफ्लो होने के कारण एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई, हालांकि ...और पढ़ें
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संजय कॉलोनी की 22 फुट रोड पर सीवर ओवरफ्लो, जागरण।
HighLights
फरीदाबाद में सीवर ओवरफ्लो से करंट लगने से युवक की मौत।
छह माह से थी समस्या, शिकायतें अनसुनी, अब जागा प्रशासन।
एफएमडीए ने 14 करोड़ रुपये की सीवर सफाई परियोजना को मंजूरी दी।
दीपक पांडेय, फरीदाबाद। संजय कॉलोनी 22 फुट रोड पर करंट लगने से हुई युवक की मौत के बाद सिस्टम की नींद खुली है। व्यवस्था सुधार को लेकर नगर निगम और एफएमडीए दोनों विभागों ने कवायद शुरू कर दी है। फौरी तौर पर सीवर की सफाई करके लोगों को राहत भी दे दी गई है।
स्थाई समाधान को लेकर फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने 14 करोड़ रुपये भी मंजूर कर दिए है। जिससे 72 इंच लाइन की करीब तीन किलोमीटर में सफाई करवाई जाएगी। जिससे छोटी लाइन ओवरफ्लो नहीं होगी।
स्थिति की दी गई थी जानकारी
बता दे संजय कॉलोनी की 22 फुट रोड पर पिछले छह माह से सीवर ओवरफ्लो की स्थिति बनी हुई थी। लोगों का निकलना भी मुश्किल हो गया था। लोगों का कहना था कि सीएम विंडो में शिकायत लगाने के बावजूद भी समाधान नहीं हुआ।
ओवरफ्लो की वजह से लोगों का सड़क से गुजरना मुश्किल था। पार्षद की ओर से भी एफएमडीए और नगर निगम को सफाई के लिए 10 पत्र लिखे जा चुके थे।
लापरवाही के कारण व्यक्ति की मौत
14 अक्टूबर को शिव कॉलोनी में रहने वाले दिनेश तिवारी सीवर से भरी 22 फुट रोड से साईकिल पर जा रहे थे। सीवर के पानी से बचने के चक्कर में वह किनारे पर चल रहे थे। इस दौरान उनकी साईकिल एक गड्डे में गई। जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया।
वह सड़क किनारे रखे गए ट्रांसफार्मर पर गिर पड़े। जिसके बाद करंट लगने से उनकी मौत हो गई। तीन विभागों की इस लापरवाही से दिव्यांग पत्नी का सुहाग और तीन बेटियों का सहारा छिन गया।
हंगामा होने के बाद जागे विभाग
घटना होने के बाद लोगों ने नगर निगम और एफएमडीए अधिकारियों के खिलाफ रोष जताया। जबकि दोनों विभाग इस मामले में अपने आपको बेकसूर बताते रहे। निगम की ओर से अगले दिन ही सीवर की सफाई का काम शुरू करवा दिया। इसके साथ ही 72 इंच सीवर लाइन की सफाई के लिए 14 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
दीवाली के बाद शुरू होगा सफाई का काम
एनआइटी की सबसे बड़ी सीवर लाइन से कालोनियों और सेक्टर की कई लाइन जुड़ी हुई है। इस लाइन के ब्लाक होने से अन्य लाइनों में दिक्कत आ जाती है। 22 फुट रोड की छोटी सीवर लाइन भी इसकी वजह से ही कनेक्ट है। लोगों का आरोप था कि अगर बड़ी सीवर लाइन की सफाई समय पर करवा दी जाती तो ओवरफ्लो की स्थिति नहीं बनती।
नगर निगम और एफएमडीए समय पर काम शुरू कर देते तो शायद आज दिनेश तिवारी हमारे बीच जिंदा होते। इसके साथ ही बिजली विभाग को ट्रांसफार्मर और बिजली की तारों को ऊपर करना चाहिए। जिससे कोई व्यक्ति इनकी चपेट में नहीं आए।
पीपी राठौर, स्थानीय निवासी
22 फुट की सीवर लाइन और 72 इंच की सीवर लाइन की सफाई को लेकर काफी पहले से शिकायत की जा रही है। अब जाकर विभागों ने उनका समाधान किया है। दोनों विभाग अगर समय पर काम करते तो एक व्यक्ति को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। इस बार 72 इंच सीवर लाइन की सफाई के साथ 22 फुट रोड की लाइन को उसके साथ कनेक्ट भी किया जाएगा। जिससे भविष्य में ओवरफ्लो का संकट भी खत्म हो जाएगा।
ज्ञानेंद्र भारद्वाज, सदस्य, वार्ड -4 कमेटी
बड़ी सीवर लाइन की सफाई को लेकर प्रस्ताव काफी पहले ही बनाया गया था। कई बार कागजी काम में समय लग जाता है। मुख्यमंत्री के आदेश पर 14 करोड़ रुपये सीवर सफाई को लेकर मंजूर किए गए है। दीपावाली के बाद स्थाई समाधान को लेकर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही निगम की ओर से 22 फुट पर बड़ी लाइन डालने को लेकर कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, फरीदाबाद महानगर विभाग प्राधिकरण
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