जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : शहर की रामलीला कमेटियों के मंच पर रामलीला के तहत राम के दूत के रूप में अंगद द्वारा रावण के दरबार में जाना, अंगद का पैर जमाना, लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, लक्ष्मण मूर्छा जैसे प्रसंगों का मंचन हुआ। श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी की ओर से डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-14 के सभागार में जारी रामलीला मंचन के दौरान अंगद की भूमिका में कशिश चावला ने अपनी संवाद अदायगी से खूब मन मोहा। उनके सामने रावण की भूमिका में उनके ही चाचा श्रवण चावला थे। श्रवण चावला का अंदाज सभी को खूब भाता है, पर भतीजे कहीं कमतर नहीं दिखे। दोनों ने अपने संवादों से खूब तालियां बटोरीं। दर्शकों का स्वागत प्रधान दलीप वर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान शैलेंद्र गर्ग ने किया।

विजय रामलीला कमेटी, मार्केट नंबर एक में लक्ष्मण मूर्छा संबंधी प्रसंग का मंचन किया गया। मेघनाद (लखन वर्मा) ने लक्ष्मण (प्रिस) को मूर्छित किया। हनुमान (अरुण भाटिया) उन्हें मूर्छित अवस्था में प्रभु राम के पास लेकर गए। हनुमान के किरदार में अरुण भाटिया ने लक्ष्मण की इस दशा पर अफसोस किया। कलाकारों ने संवाद अदायगी से प्रभावित किया। राम की भूमिका में सौरभ के विलाप को देख दर्शकों की आंखें नम हो गई। इसके बाद हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने के लिए पर्वत की ओर रवाना हो जाते हैं। जहां उनका युद्ध एक राक्षस (सुखविदर सिंह) से होता है। उसका वध कर हनुमान जी बूटी लेकर लंका पहुंचते हैं। जहां बूटी के सेवन से लक्ष्मण के प्राण बचाए जाते हैं। संगीत निर्देशक स्व. विश्वबंधु शर्मा द्वारा रचित गीत दिन कभी ऐसे भी आएंगे, ये मालूम न था की प्रस्तुति यादगार रही।

कुंभकरण-मेघनाथ वध प्रसंग का मंचन : जागृति रामलीला कमेटी, दो ई-पार्क की ओर से रामलीला मंचन के दौरान कुंभकरण-मेघनाद वध प्रसंग का मंचन हुआ। रामलीला दृश्यों के बीच-बीच में भक्ति गीतों पर कलाकारों ने नृत्य भी प्रस्तुत किया। रामलीला मंचन के प्रथम दृश्य में लंका में जैसे ही लक्ष्मण के सकुशल होने का समाचार मिला, तो लंका की खुशी मातम में बदल गई। रावण के कहने पर कुंभकरण को भारी यत्नों के बाद जगाया जाता है। कुंभकरण सीता हरण को गलत बताता है, लेकिन भाई रावण की आज्ञा के बाद कुंभकरण युद्ध में कूद जाता है। भगवान राम कुंभकरण का वध कर देते हैं। बाक्स

बाल कलाकारों ने रावण-सीता संवाद का किया मंचन

प्राणायाम सोसायटी के प्रांगण में चल रही बाल रामलीला में बुधवार को अशोक वाटिका में माता सीता और रावण के बीच संवाद के साथ भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को शक्ति बाण लगने सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। सोसायटी के बाल कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी प्रसंग बड़े ही मनोहारी थे। बृहस्पतिवार को मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध, राम-रावण युद्ध हुआ। प्राणायाम सोसायटी आरडब्ल्यू के सचिव योगेश मान ने बताया कि 15 अक्टूबर को रावण वध के साथ रामलीला कार्यक्रम का समापन होगा। इस दौरान विधायक राजेश नागर मुख्य अतिथि होंगे।

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