फरीदाबाद में 24 घंटे से बिजली संकट, गुस्साए लोगों ने NIT-2 चौक पर लगाया जाम; 20 कॉलोनियों में अंधेरा
फरीदाबाद में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बुधवार रात से व्यापक बिजली कटौती हुई, जिससे 20 से अधिक कॉलोनियों में अंधेरा छा गया और पेयजल संकट भी गहराया।

फरीदाबाद में बिजली जाने से परेशान लोगों ने लगाया जाम। फोटो: वीडियो ग्रैब
HighLights
बिजली हड़ताल से फरीदाबाद में 24 घंटे से अधिक बिजली गुल।
गुस्साए लोगों ने एनआईटी-2 चौक पर जाम लगाकर विरोध जताया।
20 से अधिक कॉलोनियों में बिजली व पेयजल आपूर्ति बाधित।
अनिल बेताब, फरीदाबाद। फरीदाबाद में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बुधवार रात से शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
बृहस्पतिवार दोपहर तक बिजली नहीं आने से परेशान लोगों का सब्र टूट गया और उन्होंने एनआईटी-2 चौक पर जाम लगा दिया। लोगों ने बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
रातभर बिजली गुल, लोगों ने सड़क पर उतरकर जताया विरोध
बुधवार रात से बिजली बाधित रहने के कारण बृहस्पतिवार दोपहर लोगों ने एनआईटी-2 चौक पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी मनदीप मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया।
जाम के कारण चौक से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। लोगों का कहना था कि लंबे समय से बिजली नहीं आने के बावजूद शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई।
20 से अधिक कॉलोनियों और सेक्टरों में आपूर्ति प्रभावित
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में बुधवार रात से ही बिजली आपूर्ति का सिस्टम बिगड़ा रहा। 20 से अधिक कॉलोनियों और सेक्टरों में बिजली पूरी तरह बाधित रही। कई जगह बुधवार रात 10 बजे गई बिजली बृहस्पतिवार को भी नहीं आई।
सेक्टर-56 निवासी विक्रम ने बताया कि उनके क्षेत्र में बुधवार रात से ही बिजली चली गई थी। बिजली शिकायत केंद्र पर भी सुनवाई नहीं हुई और कुछ देर बाद इनवर्टर ने भी काम करना बंद कर दिया।
सब स्टेशनों में पंखे और ट्यूबलाइट चलते मिले
बिजली कटौती के बीच बिजली आपूर्ति करने वाले सब स्टेशनों पर पंखे और ट्यूबलाइट चलते नजर आए। प्याली चौक स्थित सब स्टेशन में दिनभर पंखे चलते रहे, जबकि इससे जुड़े क्षेत्रों के लोग बिजली न आने से परेशान रहे।
सैनिक कालोनी मोड़ के सब स्टेशन से जुड़े फीडरों में भी बृहस्पतिवार को बिजली बंद रही। सेक्टर-16, 17, 56, बड़खल, एनआईटी-2 जी ब्लाक और नेहरू ग्राउंड में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
बिजली के साथ पेयजल संकट भी गहराया
बिजली न होने से सैनिक कालोनी, डबुआ कालोनी समेत कई क्षेत्रों में पेयजल किल्लत भी बनी रही। कई इलाकों में रेनीवेल से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई।
सैनिक कालोनी निवासी समाजसेवी अनिल अरोड़ा ने बताया कि बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण पानी की आपूर्ति भी नहीं हो पाई। कुरैशीपुर गांव में भी दिनभर बिजली नहीं होने से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई।
शिकायत केंद्र बंद, अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए
बिजली निगम के अधिकांश शिकायत केंद्र बंद रहे। लोगों ने नियंत्रण कक्ष में फोन किया तो उन्हें बताया गया कि शिकायत जेई और एसडीओ तक पहुंचा दी जाएगी, लेकिन समस्या का समाधान होगा या नहीं, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
बाद में कुछ लोगों ने उच्च अधिकारियों से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए। बिजली निगम के अधिकारियों से बातचीत नहीं होने पर लोग जनप्रतिनिधियों तक भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। एनआईटी विधायक सतीश फागना ने बताया कि उनके पास भी बिजली से जुड़ी कई शिकायतें आईं।
बल्लभगढ़ में भी बिजली कटौती से लोग परेशान
बल्लभगढ़ के कई क्षेत्रों में भी बिजली गुल रही। बुधवार रात करीब 11:30 बजे से बिजली नहीं आई। शिकायत के बाद भी मरम्मत कार्य नहीं होने की बात कही गई। पंजाबी सेवा समिति, चावला कालोनी बल्लभगढ़ के उपप्रधान विरेंद्र मनचंदा ने बिजली निगम के उच्च अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की।
जेई के हड़ताल में शामिल होने से बिगड़ी स्थिति
इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने हड़ताल की थी। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए समानांतर लाइसेंस देने के सरकार के निर्णय का विरोध किया जा रहा है।
इस बार डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के जेई भी हड़ताल में शामिल रहे। इससे हड़ताल को बल मिला और बिजली आपूर्ति की स्थिति ज्यादा बिगड़ी। पहले जब बिजली कर्मचारी हड़ताल करते थे तो जेई के स्तर पर निजी कर्मचारियों की मदद से मरम्मत कराकर कई जगह आपूर्ति बहाल करा दी जाती थी।
