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अब राशन की कालाबाजारी करने वालों पर गिरेजी गाज, हरियाणा सरकार ने बनाया पूरा प्लान

Published: Wed, 21 Oct 2026 02:12 PM (IST)

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए एक नई योजना शुरू की है। इसके तहत प्रत्येक ...और पढ़ें

अब राशन की कालाबाजारी करने वालों पर गिरेजी गाज ( एआई जेनरेटेड इमेज )

अब राशन की कालाबाजारी करने वालों पर गिरेजी गाज ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. खाद्य विभाग ने राशन कालाबाजारी रोकने को नई योजना बनाई।

  2. प्रत्येक डिपो क्षेत्र में 150 उपभोक्ता करेंगे राशन सत्यापन।

  3. मंत्री राजेश नागर के सख्त निर्देश पर कार्रवाई शुरू हुई।

सुधीर बैसला, फरीदाबाद। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सरकारी राशन की कालाबाजारी करने वाले डिपो होल्डरों (राशन दुकानदार) पर नकेल कसने का नया तरीका निकाला है।

योजना के तहत प्रत्येक डिपो होल्डर के एरिया में रहने वाले 150 उपभोक्ताओं से खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक अब महीने के आखिरी में सत्यापन फार्म भरवाएंगे।

कालाबाजारी पर नकले कसने की पूरी तैयारी

फार्म के प्रारूप में चार कॉलम होंगे। पहले कॉलम में लिखा होगा, ''कितनी तारीख को राशन मिला, दूसरे में लिखा होगा कम या पूरा मिला, तीसरे कॉलम में कार्ड पर कितने मेंबर हैं, चौथा कॉलम उपभोक्ता के हस्ताक्षर या अंगूठे का रहेगा''।

विभाग की यह कवायद डिपो होल्डरों द्वारा अन्य तरीकों से की जा रही कालाबाजारी पर नकेल कसने का हिस्सा है। हर माह में राशन वितरित होने के बाद आखिरी सप्ताह में सत्यापन फॉर्म भरवाया जाएगा।

इसकी निगरानी खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कविता सिंह परिहार करेंगी। फरीदाबाद के बाद यह सिस्टम पलवल, नूंह, गुरुग्राम में भी शुरू किया जाएगा।

कई जगह मिल रही कालाबाजारी की शिकायत

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जिले में कई जगहों से आ रही कालाबाजारी की शिकायत और अधिकारियों की कार्यशैली से खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर खासे नाराज हैं।

राज्यमंत्री ने पिछले सप्ताह जिले के सब अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में निर्देश दिए थे कि मैं किसी डिपो होल्डर की कालाबाजारी, किसी अधिकारी द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को बर्दास्त नहीं करूंगा। पूरे प्रदेश में कालाबाजारी व भ्रष्टाचार तो तब रुकेगा, जब मेरे गृह क्षेत्र में सबकुछ ठीक हो। राज्यमंत्री ने संकेत दिए कि सुधार हुआ तो ठीक, नहीं तो दिवाली के बाद सख्त कार्रवाई झेलने को तैयार रहे।

कई जगह केस भी हो चुके हैं दर्ज

दरअसल, बीते तीन महीनों में चार डिपो होल्डरों पर कालाबाजारी के आरोप में केस दर्ज हुआ, एक डिपो होल्डर का लाइसेंस रद्द किया गया, एक ट्रांसपोर्टर पर केस दर्ज हुआ, ये कार्रवाईयां साबित कर रही है कि डिपो होल्डर, अधिकारी चोरी छिपे राशन वितरण में गड़बड़ी कर रहे हैं।

राज्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कविता सिंह परिहार के नेतृत्व में जिला कार्यालय में मंथन बैठक हुई। मंथन बैठक में निर्णय लिया कि प्रत्येक डिपो होल्डर के क्षेत्र में 150 लोगों से सीधे मिलकर क्षेत्र के डिपो होल्डर द्वारा वितरित राशन की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।

सत्यापन फॉर्म व उसका प्रारूप विभागीय कार्रवाई का मसौदा है, इसलिए ज्यादा कुछ बता नहीं सकता। लेकिन, खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री के दिशा-निर्देशों की पालना करना और क्षेत्र में 100 प्रतिशत राशन वितरण की जिम्मेदारी नैतिक तौर पर विभागीय अधिकारियों की ही है।

डिपो होल्डरों को जिम्मेदारी व नैतिक आधार पर पूरा राशन वितरण करना चाहिए। उम्मीद है कि सत्यापन फार्म राशन वितरण में पारदर्शिता लाने का कार्य करेगा।- वीरेंद्र भाटी, कार्यालय प्रभारी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, फरीदाबाद

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