फरीदाबाद में एक घंटे का सफर घटकर रह जाएगा आधा, फतेहपुर बिल्लौच से अटेरना तक बनेगी सड़क
पीडब्ल्यूडी ने फतेहपुर बिल्लौच से अटेरना तक सड़क निर्माण को मंजूरी दे दी है, जिससे दर्जनों गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर ...और पढ़ें

फतेहपुर बिल्लौच से अटेरना तक सड़क निर्माण को मिली मंजूरी। फोटो: सांकेतिक
HighLights
फतेहपुर बिल्लौच से अटेरना तक सड़क निर्माण को मिली मंजूरी
दर्जनों गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी, यात्रा समय होगा कम
8.25 करोड़ रुपये के बजट से बनेगी यह महत्वपूर्ण सड़क
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। फतेहपुर बिल्लौच से अटेरना तक जर्जर सड़क से गुजरने वाले ग्रामीणों को जल्द राहत मिलने वाली है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़क के निर्माण को मंजूरी दे दी है और इसके लिए 8.25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है।
निर्माण शुरू होने के बाद इस प्रमुख मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
जगह-जगह गड्ढों और जलभराव से परेशानी
वर्षा के बाद फतेहपुर बिल्लौच में पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर काफी गड्ढे हो गए हैं। फतेहपुर बिल्लौच से जवां गांव के बीच भी सड़क की स्थिति खराब है। जवां गांव में पीडब्ल्यूडी ने सीमेंटेड स्लैब लगाए हुए हैं, लेकिन जलभराव के कारण यहां से निकलना लोगों के लिए मुश्किल होता है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लंबे समय से कारपेटिंग नहीं होने के कारण जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। इनसे वाहन चालकों को परेशानी होती है और कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
13 गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
फतेहपुर बिल्लौच से अटेरना तक सड़क बनने के बाद लढौली, डीग, फतेहपुर बिल्लौच, पन्हैड़ा कलां, जवां, ककड़ीपुर, अटेरना, घाघौट, गोपीखेड़ा, सदरपुर, अलावलपुर, जल्हाका और मोहना के ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा।
अभी इस मार्ग से आने-जाने में करीब एक घंटे का समय लगता है। सड़क बनने के बाद यह अवधि आधी होने की उम्मीद है।
जवां में सीमेंटेड मार्ग बनाया जाएगा
पीडब्ल्यूडी के उपमंडल अधिकारी रवि इंदर सिंह ने बताया कि फतेहपुर बिल्लौच पेट्रोल पंप के सामने से अटेरना गांव तक सड़क निर्माण की मंजूरी मिल गई है। जवां गांव में फिलहाल लगे सीमेंटेड स्लैब हटाकर वहां सीमेंटेड मार्ग बनाया जाएगा। विभाग जल्द निर्माण कार्य शुरू करेगा।
ग्रामीणों ने लंबे समय से उठाई थी मांग
राधारमन शर्मा ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से सड़क पर कारपेटिंग नहीं हुई है, जिसके कारण जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। नरेंद्र यादव के अनुसार, वर्षा के दौरान सड़क पर काफी गड्ढे हो गए हैं। इससे वाहन लेकर निकलना मुश्किल है और कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं।
महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह शहर आने-जाने का प्रमुख मार्ग है। सड़क जर्जर होने से विकास प्रभावित होता है, इसलिए इसका निर्माण जरूरी था।
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