अचानक हूटर बजते ही सहमे लोग... बल्लभगढ़ SDM कार्यालय में हुई मॉक ड्रिल, प्रशासन ने परखी आपदा प्रबंधन की तैयारी
बल्लभगढ़ के एसडीएम कार्यालय में भूकंप आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अचानक हूटर बजने से लोगों में भ्रम हुआ।

मॉक ड्रिल के दौरान घायल को स्ट्रेचर पर लेकर आती हुई एनडीआरएफ की टीम। जागरण
HighLights
बल्लभगढ़ एसडीएम कार्यालय में भूकंप मॉक ड्रिल आयोजित हुई।
6.7 रिक्टर स्केल भूकंप की स्थिति का अभ्यास किया गया।
एनडीआरएफ और स्वास्थ्य टीमों ने बचाव कार्य परखा।
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)। स्थानीय उपमंडलीय कार्यालय परिसर (एसडीएम कार्यालय) में शुक्रवार दोपहर को 12.05 बजे अचानक हूटर बजने की आवाज सुनकर भाग दौड़ तेज हो गई।
यहां पर काम-काज कराने आए लोग यह समझ नहीं पाए कि माक ड्रिल हो रही है। थोड़ी देर में सिविल डिफेंस के कार्यकर्ता भूकंप आने से भवन गिरने के कारण घायलों को उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग बल्लभगढ़ और बादशाह खान अस्पताल के टीम के पास लेकर आने लगे।
यहां पर डाक्टर, नर्स उनके उपचार में जुट गए। तब इस दृश्य के बारे में सिविल डिफेंस व आपदा प्रबंधन विषय विशेषज्ञ डा. एमपी सिंह ने बताया कि यह प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम संयुक्त से माक ड्रिल कर रही हैं।
भूकंप से सुरक्षा के लिए की मॉक ड्रिल
यह उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देश पर एसडीएम मयंक भारद्वाज की देख-रेख में की जा रही है। बल्लभगढ़ तहसील में 6.7 रिक्टर स्केल का भूकंप आने के बाद हुए नुकसान और लोगों की जान की सुरक्षा कैसे की जाए, इस बारे में माक ड्रिल की गई है।
गंभीर घायलों को एंबुलेंस अस्पताल भेजा गया है। थोड़ी देर में एनडीआरएफ की टीम और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने यहां पर कैमरा से देखा कि कोई मलबा के नीचे तो नहीं दबा हुआ है।

ऐसी स्थित में किसी तरह से भवन की दीवारों को काट कर प्रवेश किया जाता है बताया। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट गौरव ने बताया कि यह माक ड्रिल एनसीआर क्षेत्र में संभावित भूकंप आपदा की स्थिति को ध्यान में रख कर की गई।
इसका उद्देश्य प्रशासन की तैयारियों को परखना था। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर पीओ गुरुकरण सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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