फरीदाबाद वाले ध्यान दें! पटाखों के लिए तैनात हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट, नियम तोड़ा तो रद्द होगा लाइसेंस और FIR
फरीदाबाद में दीपावली पर वायु और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिलाधीश आयुष सिन्हा ने ग्रीन पटाखों के उपयोग हेतु ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।
HighLights
केवल 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति।
9 नवंबर से फरीदाबाद में सभी पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध।
नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द, कानूनी कार्रवाई होगी।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। दीपावली पर्व के दौरान वायु एवं ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल को लेकर जिलाधीश आयुष सिन्हा ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेशों के अनुसार जिला फरीदबाद में केवल निर्धारित शर्तों के अनुरूप प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति है। ग्रीन पटाखे 7 व 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे तथा रात्रि 8 से 10 बजे तक ही फोड़े जा सकेंगे।
वहीं, 9 नवंबर से जिला फरीदाबाद की सीमा में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर दोबारा पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा।
नोडल अधिकारी नियुक्त
जिलाधीश आयुष सिन्हा ने दीपावली के दौरान आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
जिलाधीश की ओर से जारी आदेशों के अनुसार नोडल अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया, पुलिस आयुक्त फरीदाबाद, नगर निगम आयुक्त, एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, जिला अग्निशमन अधिकारी तथा सभी एसडीएम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए न्यायालय के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करेंगी। सभी अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में पुलिस के साथ समन्वय बनाकर निगरानी और निरीक्षण का कार्य करेंगे।
संयुक्त टीम करेंगी निरीक्षण, क्यूआर कोड से होगी पटाखों की पहचान
जिलाधीश आयुष सिन्हा ने बताया कि आदेशों की पालना के लिए पुलिस विभाग द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समन्वय से विशेष गश्ती दल गठित किए जाएंगे, जो निर्धारित बिक्री स्थलों की नियमित जांच करेंगे।
ग्रीन पटाखों के क्यूआर कोड की रैंडम जांच की जाएगी तथा अवैध अथवा परंपरागत पटाखे पाए जाने पर उन्हें जब्त कर संबंधित के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। जिले के प्रवेश मार्गों पर भी पुलिस द्वारा विशेष नाकाबंदी एवं वाहनों की जांच की जाएगी, ताकि अवैध और परंपरागत पटाखों की जिले में आवाजाही रोकी जा सके।
शांत क्षेत्रों में 300 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ने पर रोक
जारी आदेशों के तहत जिला भर में अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शिक्षण संस्थानों तथा अधिसूचित शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे को नो-क्रैकर जोन घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित तिथि और समय के अतिरिक्त पटाखों का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा।
उल्लंघन पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
जिलाधीश आयुष सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 9 नवंबर 2026 से जिला में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रतिबंधित पटाखों की जब्ती, सुरक्षा राशि जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने अधिकारियों को पटाखों के दुष्प्रभावों और प्रमाणित ग्रीन पटाखों की पहचान के संबंध में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
साथ ही आमजन से अपील की कि वे पर्यावरण और स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना करें और दीपावली का पर्व शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से मनाएं।
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