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कंज्यूमर फोरम का बड़ा फैसला, IVF असफल होने पर पीड़ित दंपती को मिलेगी 1.20 लाख की राशि

Published: Fri, 25 Sep 2026 03:11 PM (IST)

फरीदाबाद उपभोक्ता आयोग ने आईवीएफ उपचार असफल होने पर मेडिचेक सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल, डॉक्टर और बीमा कंपनी को 1.20 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. उपभोक्ता आयोग ने आईवीएफ उपचार असफल होने पर वापसी का आदेश दिया।

  2. अस्पताल, डॉक्टर और बीमा कंपनी को 1.20 लाख रुपये लौटाने होंगे।

  3. मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के लिए भी अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।

हरेंद्र नागर, फरीदाबाद। आईवीएफ उपचार के बाद गर्भधारण नहीं होने से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मेडिचेक सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल, संबंधित डॉक्टर और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से 1.20 लाख रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं।

शिकायत दर्ज होने से भुगतान होने तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने को कहा है। मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 5500 रुपये तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 5500 रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं।

शिकायतकर्ता प्रीति शर्मा ने अगस्त 2021 में आईवीएफ उपचार के लिए अस्पताल का रुख किया था। अस्पताल की ओर से उपचार और परामर्श के लिए 1.50 लाख रुपये की मांग की गई थी, जबकि उन्होंने उपचार पर करीब 1.41 लाख रुपये और दवाओं पर 29,529 रुपये खर्च किए।

उन्होंने डॉक्टर की बताई सभी सावधानियों और निर्देशों का पालन किया, लेकिन गर्भधारण नहीं हुआ। अक्टूबर 2021 में दोबारा अस्पताल पहुंचने पर उनसे फिर आईवीएफ प्रक्रिया के लिए 1.50 लाख रुपये मांगे गए।

इसके बाद उन्होंने अस्पताल और डॉक्टर को नौ नवंबर 2021 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की गई।

अस्पताल ने कहा- गर्भधारण की गारंटी संभव नहीं

अस्पताल और डॉक्टर ने शिकायत का विरोध करते हुए कहा कि मरीज और उसके पति को प्रक्रिया, उसके जोखिम और लाभ के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी। सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी लिए गए थे। उनका कहना था कि गर्भधारण की कोई गारंटी नहीं दी गई थी और ऐसी गारंटी कानूनन भी संभव नहीं है। उन्होंने शिकायत को खारिज करने की मांग की।

आयोग ने उपलब्ध रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद शिकायत को स्वीकार कर लिया। आदेश आयोग के अध्यक्ष अमित अरोड़ा और सदस्य इंदिरा भड़ाना ने सुनाया।

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