फरीदाबाद: एबीआरवाई योजना में 2 करोड़ के फ्रॉड पर EPFO सख्त, टेक्निकल पावर कॉरपोरेशन पर एफआईआर
कंपनी पर कर्मचारियों के वेतन से पीएफ काटने के बावजूद उन्हीं के नाम पर सरकारी योजना का लाभ उठाने का आरोप है, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।

2 करोड़ का फर्जीवाड़ा
HighLights
ईपीएफओ ने एबीआरवाई योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा किया
टेक्निकल पावर कारपोरेशन पर 2.24 करोड़ रुपये के लाभ का आरोप
कर्मचारियों के वेतन से पीएफ काटकर भी सरकारी सहायता ली
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) का गलत तरीके से लाभ उठाने के मामले में ईपीएफओ ने सूरजकुंड थाना क्षेत्र की एक कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
ईपीएफओ के अनुसार, टेक्निकल पावर कॉरपोरेशन ने योजना के तहत करीब 2.24 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ लिया। आरोप है कि कंपनी ने जिन कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से ईपीएफ योगदान दिया जाना था, उन्हीं कर्मचारियों के वेतन से कर्मचारी हिस्से की पीएफ राशि भी काट ली।
ईपीएफओ (EPFO) क्षेत्रीय कार्यालय फरीदाबाद की ओर से क्षेत्रीय पीएफ आयुक्त-दो डॉ. सुधीर कुमार जायसवाल ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि विभागीय जांच के दौरान कंपनी के वेतन रिकॉर्ड और संबंधित बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई।
एबीआरवाई (ABRY) योजना का सरकारी लाभ
इसमें सामने आया कि कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ का हिस्सा काटने के बावजूद उन्हीं कर्मचारियों के नाम पर एबीआरवाई योजना का सरकारी लाभ लिया।
ईपीएफओ के मुताबिक, एबीआरवाई योजना का उद्देश्य कोरोना महामारी के बाद रोजगार को बढ़ावा देना था। योजना के तहत पात्र कर्मचारियों के ईपीएफ योगदान में सरकार की ओर से सहायता दी जाती थी। ऐसे मामलों में कर्मचारी के हिस्से का योगदान उसके वेतन से काटना नियमों के विपरीत था।
किन-किन के खिलाफ केस दर्ज की मांग
शिकायत में कंपनी टेक्निकल पावर कॉरपोरेशन, उसकी प्रोपराइटर और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ जांच और एफआइआर दर्ज करने की मांग की गई थी। कंपनी का पता सूरजकुंड रोड स्थित इराेज गार्डन बताया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब कंपनी के बैंक खातों और दस्तावेजी सबूतों की गहनता से जांच कर रही है।ईपीएफओ ऐसी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है जो सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाती हैं और नियमों को तोड़ती हैं। जांच में धोखाधड़ी साबित होने पर कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
