फरीदाबाद: BPTP डिस्कवरी पार्क सोसायटी में सुविधाओं का अकाल, दो करोड़ के फ्लैट में रहने वाले लोग भगवान भरोसे
फरीदाबाद के बीपीटीपी डिस्कवरी पार्क सोसायटी के निवासी बिजली, पानी, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट और आवारा पशुओं जैसी मूलभूत सुविधाओं के ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
सोसायटी में बिजली, पानी, पार्किंग और स्ट्रीट लाइट की कमी।
आवारा पशुओं से सड़क हादसों का खतरा, मंदिर का भी अभाव।
बिल्डर पर मनमानी मेंटेनेंस शुल्क और खराब निर्माण का आरोप।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लेकर आने के लिए चलाए जा रहे ‘वादे बनाम हकीकत’ अभियान के तहत रविवार को दैनिक जागरण की टीम सेक्टर-80 स्थित बीपीटीपी डिस्कवरी पार्क सोसायटी पहुंची।
यहां बिल्डर और प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण हजारों लोग बिजली, पानी, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट और बेसहारा पशुओं की समस्या से जूझ रहे हैं। करीब डेढ़ घंटे तक चले संवाद में सोसायटी वासियों ने अपनी समस्याओं को रखा तथा जल्द समाधान की मांग की है।
आवारा पशु बन रहे हैं हादसों का कारण
स्थानीय निवासी गौरव सेठी, जुगल किशोर और नितिन शर्मा सहित अन्य ने बताया कि सोसायटी के आस-पास तथा सड़क पर बेसहारा गौवंश का जमावड़ा रहता है। यह कई बार सड़क हादसों का कारण बनते हैं।
इस संबंध में नगर निगम से शिकायत की गई है, लेकिन अधिकारी समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। आने वाले दिनों में धुंध होगी, ऐसे में यदि सड़कों से बेसहारा पशु नहीं हटेंगे तो हादसे बढ़ सकते हैं।
डेढ़ किलोमीटर दूर जाते हैं पूजा करने, सोसायटी में नहीं है मंदिर
अतुल मिश्रा, प्रदीप गर्ग और अमित कुमार सैनी सहित अन्य ने बताया कि बीपीटीपी की ओर से वर्ष 2012 में प्रोजेक्ट लांच किया गया था। यहां 800 से अधिक फ्लैट्स हैं। लगभग 600 से फ्लैट्स में लोग रह रहे हैं। यहां वर्तमान में फ्लैट्स की कीमत दो करोड़ तक है।
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वर्ष 2019 से पजेशन मिलना शुरू हो गया था। जबकि बिल्डर ने वर्ष 2020 से मेंटेनेंस शुल्क वसूलना शुरू किया था। वर्तमान में मेंटेनेंस शुल्क 9 हजार तक पहुंच गया है। फ्लैट्स बेचते वक्त बिल्डर की ओर से सोसायटी में सभी सुविधाएं देने का वायदा किया था।
लेकिन मंदिर जैसी सुविधा भी नहीं है। पूजा अर्चना के लिए सोसायटी के लोगों के डेढ़ किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस संबंध में राज्यमंत्री राजेश नागर से भी शिकायत की गई है, मंत्री के कहने पर बिल्डर ने आश्वासन तो दिया, लेकिन मंदिर नहीं बनवाया है।
बिजली की भी है समस्या, नहीं मिला सिंगल प्वाइंट कनेक्शन
सचिन गुगलानी, रितेश कुमार, गौरव गुप्ता और पीकेंद्र शर्मा सहित अन्य ने बताया कि बिल्डर से लंबे समय से बिजली के व्यक्तिगत कनेक्शन की मांग कर रहे हैं। लेकिन आज तक सुनवाई नहीं की गई है। ज्यादातर समय बिजली कटौती की समस्या रहती है, इस बीच डीजी से सप्लाई करके बिल्डर की ओर से मनमानी रकम वसूली जाती है।
बिना सूचना बदल दी जाती है पार्किंग की जगह
लोगों ने बताया कि हर महीने मेंटेनेंस सहित तीन प्रकार के चार्ज देने के बाद भी पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है। गाड़ियों के बीच इतनी कम जगह है कि एक व्यक्ति भी नहीं निकल सकता है।
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इसके अतिरिक्त लोगों ने बिल्डर पर डिस्कवरी पार्क की जमीन का बड़ा हिस्सा दूसरे प्रोजेक्ट में इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। खबर के संबंध में बीपीटीपी बिल्डर का पक्ष लेने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने देर रात तक कोई जवाब नहीं दिया।
बुकिंग के समय बिल्डर से सभी सुविधाएं देने का वायदा किया था, लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि हम स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। आए दिन फ्लैट्स से प्लास्टर गिर रहा है। सुविधाएं शून्य हैं।
-अमित गुप्ता, स्थानीय निवासी।
सोसायटी के सामने ही शराब का ठेका है। देर रात तक यहां शराब पीने वाले लोगों का जमावड़ा रहता है। जिससे सोसायटी के बाहर निकलते हुए महिलाएं असुरक्षित और असहज महसूस करती हैं। ठेका पर देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजता है, जिससे लोगों को फ्लैट में रहना मुश्किल हो जाता है। यह बंद होना चाहिए।
-नितिन शर्मा, स्थानीय निवासी।
बीपीटीपी पुल से सोसायटी तक पूरे रास्ते में स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। इस संबंध में नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से शिकायत की गई है। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
-करन, स्थानीय निवासी।
बिल्डर की ओर से पहले से ही मेंटेनेंस के नाम पर मनमानी की जा रही थी, इसी बीच अब पानी का बिल भी भेजने लगे हैं। शहर की अन्य सोसायटी के मुकाबले डिस्कवरी पार्क में सबसे अधिक मेंटेनेंस लिया जा रहा है।
-अभिषेक अग्रवाल, स्थानीय निवासी।
ग्रेटर फरीदाबाद की सड़कें बेहद जर्जर हैं। इसपर अधिकारियों को ध्यान देने की आवश्यकता है, हल्की वर्षा के बाद पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। इसपर ध्यान देने की आवश्यकता है।
-अतुल तिवारी, स्थानीय निवासी।
सोसायटी में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पार्कों से फर्श तक उखड़ने लगी है। साथ ही खेल उपकरण भी टूटने लगे हैं। मरम्मत कार्यों की मांग कई बार की गई है, लेकिन बिल्डर की ओर से सुनवाई नहीं की जा रही है।
-सिद्धार्थ गांधी, स्थानीय निवासी।
ग्रेटर फरीदाबाद में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति ठीक है। सेक्टर-80 में जांच कराई जाएंगी। खराब लाइटों को बदला जाएगा, जिससे लोगों को समस्या से छुटकारा मिल सके।
-अश्विनी गौड़, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी।
