किसानों के खाते में आएंगे ₹600 प्रति क्विंटल, बल्लभगढ़ मंडी में शुरू हुई बाजरे की सरकारी खरीद
बल्लभगढ़ की अनाज मंडी में भावांतर योजना के तहत बाजरे की सरकारी खरीद शुरू हो गई है, पहले दिन 400 क्विंटल बाजरा खरीदा गया।

सरकार हैफेड के माध्यम से 600 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त देगी।
HighLights
बल्लभगढ़ मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद शुरू हुई
भावांतर योजना के तहत 400 क्विंटल बाजरा खरीदा गया
किसानों को 600 प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान मिलेगा
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। अनाज मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद शुरू हो गई। पहले दिन भावांतर योजना के तहत सरकार ने 400 क्विंटल बाजरा खरीदा। आढ़तियों ने किसानों को 2100 से 2301 रुपये प्रति क्विंटल बाजरे की कीमत का भुगतान किया है। सरकार की तरफ से हैफेड़ इन किसानों के खातों में 600 रुपये प्रति क्विंटल भेजेगा।
सरकार ने बाजरे का इस बार भाव 2900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यह बाजरा उन किसानों का खरीदा जाएगा, जिन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत कराया है।
सरकार खाते में भेजेगी ₹600 प्रति क्विंटल
आढ़ती इन किसानों को बाजरे का 2300 रुपये तक भुगतान करेंगे। सरकार की तरफ से हैफेड द्वारा भावांतर योजना के तहत किसानों के खाते में 600 रुपये प्रति क्विंटल भेज दिया जाएगा। सरकार ने एक अक्टूबर से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू कर दी। किसानों के बाजरे का राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन न होने के कारण खरीददारी अभी तक नहीं हो पाई थी।
अब तक ज्यादातर किसान अपने बाजरे को 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक आढ़तियों को बेच कर चले गए। अब सरकार ने सरकारी खरीद शुरू कर दी है। मंडी में सबसे अच्छा बाजरा पारोली गांव के रहने वाले दिलीप का था। उसके बाजरे को आढ़तियों ने 2301 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा है।
अब तक 400 क्विंटल खरीद दर्ज
अन्य किसानों का बाजरा आढ़तियों ने 2100-2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा। बाजरे की सरकारी खरीद के दौरान हैफेड की तरफ से अधिकारी नवाब खान और नरेंद्र कुमार, मार्केट कमेटी के सचिव व कार्यकारी अधिकारी इंद्रपाल सिंह व आढ़ती मौजूद थे।
नवाब खान ने कहा है कि जिन किसानों का बाजरा खरीदा गया है, उनके खाते में वह अपने विभाग की तरफ 600-600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से जमा करा देंगे। सचिव इंद्रपाल सिंह ने कहा है कि अभी तक 400 क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है। अब लगातार बाजरा खरीदा जाएगा। जिन किसानों ने बाजरे की फसल को काट लिया है, वह मंडी लेकर आ सकते हैं। सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है।
