ताजमहल जाने वाले पर्यटकों को बल्लभगढ़ में रोकने की तैयारी, रानी की छतरी-शाही तालाब बनेंगे टूरिस्ट स्पॉट
बल्लभगढ़ में रानी की छतरी और शाही तालाब को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य दिल्ली-आगरा ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
रानी की छतरी और शाही तालाब बनेंगे प्रमुख पर्यटन केंद्र।
दिल्ली-आगरा मार्ग के पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना।
ढाई करोड़ से जीर्णोद्धार, फास्ट फूड सेंटर भी बनेगा।
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)। रानी की छतरी और शाही तालाब के प्रति लोगों का रुझान और बढ़ाने की योजना है। दिल्ली से आगरा की तरफ जाने वाले पर्यटकों को लुभाने के लिए इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस योजना को लेकर जल्द सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। यहां पर पर्यटकों के लिए फास्ट फूड सेंटर भी बनाया जाएगा। रानी की छतरी और शाही तालाब का ढाई करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोंद्धार किया गया है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे है।
दिल्ली से आगरा ताजमहल देखने के लिए काफी संख्या में रोजाना पर्यटक जाते हैं। इन पर्यटकों को रानी की छतरी और शाही तालाब को दिखाने के लिए सरकार की रोकने की योजना है। इसे लेकर पहले दोनों स्थलों को पर्यटन विभाग को सौंपा जाएगा।
फिलहाल रानी की छतरी और तालाब पर पुरातत्व विभाग का नियंत्रण हैं। पुरातत्व विभाग के पास यह दोनों ऐतिहासिक स्थल पर्यटक स्थल के रूप में ख्याति प्राप्त नहीं कर सकते।
राजा नाहर सिंह महल को बनाया जा चुका है पर्यटन केंद्र
राजा नाहर सिंह महल का सरकार ने 1996 में जीर्णोद्धार किया था। इसे पर्यटक स्थल के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने के लिए राज्य पर्यटन विभाग, केंद्रीय पर्यटन युवा एवं सांस्कृतिक मंत्रालय, जिला प्रशासन, बल्लभगढ़ सुंदरीकरण एवं विकास समिति ने मिल कर नवंबर-1996 में कार्तिक उत्सव की शुरूआत की थी। उत्सव एक सप्ताह तक चलता था।
उत्सव का उद्धाटन करने और समापन करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के नेता आते थे। कार्तिक उत्सव में तत्कालीन उपराष्ट्रपति डा. कृष्णकांत, योजना आयोग के उपाध्यक्ष केसी पंत, तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल, तत्कालीन राज्यपाल महाबीर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और रोजाना कई-कई देशों के राजदूत शामिल होते थे। यह कार्तिक उत्सव 2002 तक लगाया गया।
27 सितंबर-2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने राजा नाहर सिंह महल को पर्यटन विभाग को सौंप दिया। इसका विधिवत रूप से पर्यटन केंद्र के रूप में उद्घाटन कर दिया। यही कारण है कि महल की कई फिल्मों और टीवी सीरियल की शूटिंग यहां पर हो चुकी है।
आए दिन विज्ञापनों की शूटिंग होती रहती है। इस तरह से अब रानी की छतरी व शाही तालाब को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छे पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
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रानी की छतरी और तालाब फिलहाल पुरातत्व विभाग के नियंत्रण में है। हम सरकार के स्तर पर यह बात कर रहे हैं कि रानी की छतरी और तालाब को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। यहां पर आने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए फास्टफूड सेंटर बनाया जाए। जब कोई पर्यटक आए तो वह कम से कम यहां पर नाश्ता करे और एक कप काफी पीऐ। इससे छतरी और तालाब का रख-रखाव बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
