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बल्लभगढ़ बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, उद्योग और धूल से हवा जहरीली

Published: Sun, 08 Nov 2026 11:48 PM (GMT+05:30)

बल्लभगढ़ में प्रदूषण का स्तर 411 और फरीदाबाद में पीएम10 का स्तर 337 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया, जिससे ...और पढ़ें

बल्लभगढ़ बना देश का सबसे प्रदूषित शहर ( एआई जेनरेटेड इमेज)

बल्लभगढ़ बना देश का सबसे प्रदूषित शहर ( एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. बल्लभगढ़ में प्रदूषण स्तर 411, फरीदाबाद में पीएम10 337 रहा।

  2. निर्माण कार्य, उद्योग, कूड़ा जलाना प्रदूषण के मुख्य कारण।

  3. बल्लभगढ़ ने प्रदूषण में नोएडा और दिल्ली को पीछे छोड़ा।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। तमाम दावों और प्रयासों के बाद भी बल्लभगढ़ से प्रदूषण स्तर कम होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को बल्लभगढ़ में प्रदूषण का स्तर 411 और फरीदाबाद में पीएम 10 का स्तर 337 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर रहा।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बल्लभगढ़ में चल रहे निर्माण कार्य और चारों तरफ फैले हुए उद्योग हवा को अधिक जहरीला बना रहे हैं। इसके साथ कूड़े में आग की वजह से भी हवा जहरीली हो रही है।

जिला प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि जगह-जगह छिड़काव किया जा रहा है। लेकिन इस छिड़काव का असर नहीं दिख रहा है। प्रदूषण स्तर के मामले में बल्लभगढ़ ने नोएडा और दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है।

धूल पर नहीं हो रहा पर्याप्त छिड़काव

निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल आसपास के इलाकों की हवा को प्रभावित कर रही है। शहर की सड़कों और किनारों पर धूल जमा रहती है। नियमित सफाई और धूल नियंत्रण के इंतजाम पर्याप्त नहीं होने से वाहनों के गुजरने पर धूल हवा में फैलती है।

इसके साथ ही इस इलाके में औद्योगिक क्षेत्र भी बड़ी संख्या में हैं। यहां संचालित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं और अन्य प्रदूषक भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं।

फरीदाबाद में सेक्टर-30 रहा सबसे अधिक प्रदूषित

फरीदाबाद में सेक्टर-30 सबसे अधिक प्रदूषित जगह रही। यहां पर पीएम 10 का स्तर 364 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर रहा। वहीं सेक्टर-11 का 349 और एनआइटी का 300 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर रहा।प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र और जाम वाली जगहोंं पर प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है। जबकि शेष जगहों पर कम है।


निगम की ओर से कूड़े में आग रोकने को लेकर 20 टीमों का गठन किया गया है। सात से आठ घंटे छिड़काव किया जा रहा है। पार्षदों और आरडब्ल्यूए से अपील की गई है कि वह लोगों को कूड़े में आग लगाने से रोके।- अजय पंघाल, नोडल अधिकारी, नेशनल एयर क्लीन प्रोग्राम

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