जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : निकट भविष्य में यदि आप किसी भी असाध्य बीमारी से जूझने जा रहे है तो इसका पता समय रहते चल जाएगा। ऐसे में उपचार होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती है। ऐसी ही पहल दादरी के सरकारी अस्पताल में की गई है। लोगों को नान-कम्यूनिकेबल बीमारियों से बचाने के लिए एनसीडी क्लीनिक की शुरूआत की गई है। अब अस्पताल में ओपीडी के दौरान आने वाले 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी मरीजों की इस क्लीनिक में शुगर, ब्लड प्रेशर, कद व वजन की जांच की जाएगी। वह मरीज चाहे किसी भी रोग का उपचार करवाने अस्पताल में आए। बीमारी का उपचार करवाने से पहले मरीज को एनसीडी क्लीनिक में जांच करवानी होगी। जिससे शरीर में पनपने वाली डायबिटिज, अस्थमा, श्वास, हृदय, कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारियों का पता चल सकेगा। ऐसे में मरीज समय रहते इन बीमारियों का इलाज करवाकर स्वस्थ जीवन जी सकेगा। एनसीडी क्लीनिक सरकारी अस्पताल के पुराने भवन में ही स्थापित किया गया है। देश में शुगर के 7 करोड़ मरीज

उल्लेखनीय है कि भारत में इस समय लगभग सात करोड़ लोग डायबिटिज के शिकार है। एक रिसर्च के अनुसार मौजूदा हालातों में खान-पान, लाइफ स्टाइल, पर्यावरण जिस हिसाब से है, उसके अनुसार आने वाले वर्षो में यह संख्या बढ़कर दोगुना हो जाएगी। ऐसे में एनसीडी क्लीनिक के माध्यम से डायबिटिज जैसी बीमारियों का समय रहते पता लगाकर प्रारंभिक दौर में ही काबू पाया जा सकता है। जिससे मृत्यु दर में भी कमी आएगी। 30 फीसदी उच्च रक्तचाप के शिकार

एक रिपोर्ट के अनुसार 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में 20 से 30 फीसदी लोग उच्च रक्तचाप के शिकार है। उच्च रक्तचाप के कारण लोगों को कई गंभीर बीमारियों का शिकार होने का डर बना रहता है। ऐसे में एनसीडी क्लीनिक में जांच से इस प्रकार की बीमारियों का शुरूआती अवस्था में ही पता लगाया जा सकेगा। जल्द होगी कैंसर की जांच

दादरी जिले के सीएमओ डा. विरेंद्र यादव ने बताया कि प्रारंभिक चरण में एनसीडी क्लीनिक में डायबिटिज, ब्लड प्रेशर, कद व वजन की जांच की जा रही है। जल्द ही संसाधन मंगवा कर क्लीनिक में कैंसर की जांच भी की जाएगी। जिसमें स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओरल व अन्य कैंसर की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि शुरूआती दौर में ही कैंसर का पता चल जाता है तो उसका उपचार भी संभव है। स्क्री¨नग भी आवश्यक : सीएमओ

दादरी के सीएमओ डा. विरेंद्र यादव का कहना है कि वर्तमान समय में डायबिटिज, रक्तचाप जैसी बीमारियां काफी अधिक बढ़ गई है। इस प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए समय रहते स्क्री¨नग काफी आवश्यक है। डा. यादव का कहना है कि अक्सर देखने में आता है कि जागरूकता की कमी के कारण शुगर, बीपी जैसी बीमारियों का पता काफी समय बाद चलता है। जिसके कारण उनका उपचार लगभग असंभव हो जाता है। जिससे भारत में मृत्यु दर भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में एनसीडी क्लीनिक के माध्यम से इस प्रकार की बीमारियों का प्रारंभिक अवस्था में ही पता चल सकेगा। क्या होती है एनसीडी

एनसीडी यानि नान-काम्यूनिकेबल डिजिज। जिसका मतलब है गैर-संचारी बीमारियां। गैर-संचारी बीमारियां वे होती है जो एक से दूसरे व्यक्ति तक नहीं फैलती है। ये बीमारियां खानपान, लाइफ स्टाइल व अन्य कारणों से ही पनपती है।

Posted By: Jagran

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