जागरण संवाददाता, भिवानी : पंचायत भवन में मंगलवार को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर सौर ऊर्जा से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई। अतिरिक्त उपायुक्त डा. संगीता तेतरवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में परियोजना अधिकारी अनन्त प्रकाश ने कहा कि सौर ऊर्जा सिस्टम ऊर्जा का सस्ता एवं सर्वोत्तम साधन है। इसलिए लोगों को घरों, पट्रोल पंप, शिक्षण संस्थान, निजी संस्थान, अस्पताल, फैक्टरी, धार्मिक स्थलों इत्यादि पर सौर ऊर्जा सिस्टम का प्रयोग करना चाहिए इसके लिए विभाग द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। सौर ऊर्जा के लिए आमजन को जागरूक करना चाहिए। परियोजना अधिकारी ने कहा कि सोलर ऊर्जा सिस्टम से सस्ती दरों पर बिजली पैदा होती है। इसलिए हमें अपने घरों की छतों पर भी सौर ऊर्जा सिस्टम की स्थापना करनी चाहिए। कार्यालयों में सीएफएल की जगह एलईडी बल्ब लगाने चाहिए ताकि बिजली की बचत की जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा 2022 तक चार हजार मेगावाट सौर ऊर्जा पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कम होगा वहीं पर्यावरण प्रदूषण मुक्त होगा और लोगों को सस्ती दरों पर बिजली मिल सकेंगी। सामाजिक संस्थानों द्वारा ग्रिड कनेक्टिड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से नियमानुसार अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला में अब तक इस योजना के तहत घरेलू व शिक्षण संस्थानों में इस योजना का लाभ उठाकर खपत अनुसार सौर ऊर्जा सिस्टम लगवाए जा चुके हैं। जिसके लिए विभाग द्वारा अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई है। सोलर पावर प्लांट लगाने के अनेक लाभ हैं। इससे बिजली के 90 प्रतिशत बिजली बिल को कम किया जा सकता है तथा नेट मीट¨रग द्वारा सोलर से बनी फालतू बिजली विद्युत निगम को देने की सुविधा भी है।

सहायक परियोजना अधिकारी दलबीर ¨सह ने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट एक वर्ष में लगभग 15 सौ यूनिट से अधिक बिजली बनाता है। यह संयत्र लगभग 25 वर्ष तक कार्य करता है। उन्होंने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अक्षय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा मनोहर ज्योति योजना के तहत सोलर होम लाई¨टग सिस्टम, लीथियम बेट्री के साथ सोलर स्ट्रीट लाई¨टग सिस्टम, सोलर वाटर पं¨पग सिस्टम, सोलर कुकर, सोलर वाटर हि¨टग सिस्टम विशेष अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिले के राजकीय विद्यालयों में रूफ टॉप सौलर पावर प्रोजैक्ट लगाए जाएगे ताकि बिजली की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 50 किलोवाट से ज्यादा की क्षमता वाले स्कूलों, कॉलेज व आईटीआई में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएगें। इसके अतिरिक्त पीएचसी व सीएचसी में भी रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजैक्ट लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है जिस पर शीघ्र ही कार्य शुरू हो जाएगा। इन योजनाओं के तहत विशेषकर किसानों को सबसिडी प्रदान की जा रही है।

इस मौके पर ऊर्जा विभाग के अधिकारी पीपी मित्तल, जीसीआरटी विशेषज्ञ वेद प्रकाश शर्मा, प्रो. नील कमल मिसरा ने भी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के संरक्षण तथा नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर तकनीकी सहायक बिजेन्द्र ¨सह, प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा सहित विभाग के अनेक अधिकारी-कर्मवारी व सौर ऊर्जा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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