संवाद सहयोगी, बाढड़ा : उपमंडल अधिकारी डा. विरेंद्र सिंह ने बाढड़ा कस्बे से गुजरने वाली आधा दर्जन स्कूली बसों की जांच के दौरान भारी अनियमितताएं पाई गई। जांच के दौरान अधिकतर बसों में चालक के पास लाइसेंस नदारद था तो कई बसों में प्राथमिक उपचार की सुविधा ही नहीं मिली। वहीं कहीं फ‌र्स्ट एड बाक्स में दवाई पानी की बजाए ताश पत्ती मिली। बसों में कैमरे व्यवस्था तो दूर क्षमता से अधिक विद्यार्थी पाए जाने पर एसडीएम ने सभी चालकों को जमकर लताड़ लगाई।

एसडीएम डा. विरेंद्र सिंह ने चालकों को आवश्यक कागजात तुरंत कार्यालय में जमा करवाए। इसके बाद दो बसों के चालान किए तथा चार स्कूलों के बस मालिकों व चालकों को चेतावनी दी। एसडीएम डा. विरेन्द्र सिंह ने बृहस्पतिवार दोपहर बाद कस्बे के ढिगावा मोड़ से गुजर रही एक स्कूली बस को रुकवा कर अंदर देखा तो उसमें क्षमता से अधिक विद्यार्थी बैठे हुए थे। उन्होंने चालक से लाइसेंस मांगा तो चालक ने स्वयं के पास लाइसेंस न होने तथा स्कूली संस्था के कार्यालय में होने की बात कही। एसडीएम ने उनको जमकर लताड़ लगाई और उसके बाद तो कस्बे से गुजरने वाली सभी बसों का निरीक्षण अभियान चलाया गया। इसमें कई स्कूली बसों में तो अव्यवस्था का माहौल मिला। किसी बस की खिड़की टूटी मिली तो किसी में महिला सेवादार ही नहीं मिली। बसों में कैमरे की व्यवस्था न होने तथा क्षमता से अधिक विद्यार्थी पाए जाने पर एसडीएम ने सभी चालकों को जमकर लताड़ लगाई।

इस बारे में एसडीएम डा. विरेंद्र सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि नौनिहाल ही देश के कर्णधार हैं। निजी स्कूल संचालक बसों में ज्यादा बच्चे बैठाने की शिकायतों के बाद उन्होंने यह अभियान चलाया है। जिन स्कूल बसों में खामियां मिली है उनके संचालकों को सभी दस्तावेजों सहित कार्यालय में बुलाया गया है। इस दौरान उन्होंने दो बसों के चालान किए तथा तीन चार को चेतावनी देकर छोड़ दिया है।

Posted By: Jagran

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