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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में छाए दादरी के खिलाड़ी, 18 पदक जीते

By JagranEdited By:
Published: Thu, 02 Dec 2021 12:01 AM (IST)

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित डा. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल स्टेडियम में पिछले दिनों आयोजित तीसरी मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप ...और पढ़ें

मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में छाए दादरी के खिलाड़ी, 18 पदक जीते
मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में छाए दादरी के खिलाड़ी, 18 पदक जीते

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित डा. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल स्टेडियम में पिछले दिनों आयोजित तीसरी मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दादरी जिले के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन रहा। इस राष्ट्रीय स्पर्धा में दादरी के खिलाड़ियों ने कई खेलों में पदक जीते हैं। विशेष रूप से गांव कादमा के एक ही परिवार की तीन पीढि़यों का खेल प्रदर्शन रोचक रहा।

मास्टर एथलेटिक्स एसोसिएशन जिला सचिव संजय शास्त्री तथा टीम मैनेजर राजबीर लांबा, प्रबंधक कृष्ण शास्त्री, शर्मिला सांगवान ने कहा दादरी जिले से 16 प्रतिभागियों ने खेलों में हिस्सा लिया। मास्टर एथलेटिक्स में इन खिलाड़ियों ने 11 स्वर्ण पदक, 3 रजत पदक, 4 कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। गांव कादमा निवासी 100 प्लस आयु वर्ग में शिरकत कर रही रामबाई ने चार स्वर्ण पदक झटके हैं। उन्होंने 100 व 200 मीटर सहित रिले रेस व लोंग जंप में ये मेडल पाए हैं। बाढडा के रामकिशन शर्मा ने आयु वर्ग 70 प्लस 100 मीटर, 110 मीटर हर्डल, रिले रेस सहित ट्रिपल जंप में स्वर्ण तथा रिले रेस के अन्य ग्रुप में रजत पदक जीते है। संतरा देवी तथा भतेरी भी अपने खेलों में प्रथम रही। इसी कड़ी में सुनीता धवन ने 10 हजार मीटर दौड़ में रजत पदक, कुलदीप सिंह नौरंगाबास जाटान ने 40 वर्ष आयु वर्ग की 110 मीटर हर्डल रेस में सिल्वर जीते हैं।

कांस्य पदक जीतने वालों में कादमा की भतेरी देवी ने 65 वर्ष आयु वर्ग के तहत 200 मीटर रेस, मुखत्यार कादमा ने इसी आयु वर्ग की पुरूषों की रेस में ब्रांज, संतोष देवी अध्यापिका ने आयु वर्ग 55 प्लस में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक पर कब्जा किया है। गांव कादमा निवासी 100 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में रामबाई व उनके परिवार की तीन पीढि़यों द्वारा दिखाया गया खेल शानदार रहा। इस वयोवृद्ध अवस्था में भी उनका जोश, खेल के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। उनके पुत्र मुखत्यार व पुत्रवधू भतेरी ने भी उनके नक्शे कदम पर सफलता पाई है। इस सफलता में उनकी नाती शर्मिला सांगवान, राजबीर लांबा, संजय शास्त्री, कृष्ण शास्त्री का प्रोत्साहन विशेष सहयोगी रहा है। इन उपलब्धियों पर दादरी जिले के समस्त मौजिज लोगों, खेल प्रेमियों ने बधाई देते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।