जागरण संवाददाता, भिवानी : 80 के दशक में बने लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज की अब सुध ली जा रही है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। 87 लाख रुपये की लागत से इसकी मरम्मत की जाएगी। इसकी दो वजह हैं, एक तो यह पुराना हो चुका था, दूसरा इस पर वाहनों का लोड भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है। यहां से रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहन गुजर रहे हैं।

भिवानी के इस सबसे पुराने रेल ओवरब्रिज का निर्माण तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में पूरा हुआ था। भिवानी के इस पुल से होकर रोहतक, दिल्ली राजस्थान के लिए भी सबसे शार्टकट रास्ता है। इस पुल के बाद से अब तक शहर की आबादी भी चार गुना बढ़ गई है। यूं कहें कि भिवानी शहर की आबादी अब दो लाख को पार कर गई है। यहां वाहनों की भी भरमार हो गई है। लोहारू रोड ओवरब्रिज की सड़क टूटी रेलिग सब होगी मरम्मत

इस ओवरब्रिज की सड़क को उखाड़ना शुरू कर दिया गया है। इसे अब ठीक किया जाएगा। इसके अलावा दोनों तरफ से टूटी रेलिग भी नई लगाई जाएगी। टूटे फुटपाथों की भी मरम्मत होगी। यूं कहें कि पुल में जहां कहीं भी कोई कमी है उसे दूर किया जाएगा। 42 लाख की लागत से भरे जाएंगे सड़क के गड्ढे एनएचएआइ ने आरओबी की मरम्मत के साथ इस पुल से नया बस अड्डा तक सड़क में बने गड्ढे भी भरने का निर्णय लिया है। ये गड्ढे 42 लाख रुपये की लागत से भरे जाएंगे। इसके लिए बजट पास हो चुका है। मरम्मत कार्य रात में हो नहीं तो नहीं तो जाम से जूझना होगा 80 के दशक में बने इस ओवरब्रिज से होकर वाहनों का लोड इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि इसकी मरम्मत का कार्य दिन में करना आसान नहीं होगा। दिन में जाम के हालात बने जाएंगे ओर इसका विकल्प भी नजर नहीं आता। विशेष कर तब जब दिन में रेलगाड़ियों की संख्या ज्यादा होती है। शहर में आने वाले वाहन भी ज्यादातर वाहन इस पुल से होकर ही आते हैं। पुल का मरम्मत कार्य शुरू किया गया है लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य शुरू किया जा रहा है। करीब 87 लाख रुपये की लागत से इस पुल की मरम्मत होगी। इसके अलावा इस पुल से नया बस अड्डा तक सड़क के सभी गड्ढे भरे जाएंगे। बहुत जल्द लोगों को यह पुल ओर सड़क चकाचक नजर आएगी।

हनुमंत सांगवान, अधीक्षक अभियंता

एनएचएआइ।

Posted By: Jagran

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