जगदीप सिंह, चरखी दादरी :

दादरी नगर के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म का लेवल नीचा होने के कारण यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने व उतरने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष कर बुजुर्ग और छोटे बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों को झेलना पड़ता है। यात्रियों की गाड़ी छूट जाने के कारण उन्हें आर्थिक व मानसिक परेशानी भी होती है। दैनिक रेल यात्रियों ने रेल मंत्रालय से प्लेटफार्म का हाई लेवल करवाने की मांग की है, ताकि यात्रियों को गाड़ी में चढ़ते समय जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ी। देश की आजादी से पहले वर्ष 1942 में बने दादरी जिले के रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर दो का लेवल गाड़ी से काफी नीचे है। सुलभ व सुरक्षित होने के कारण हर रोज रेलवे स्टेशन से हजारों की संख्या में यात्री रेल में सफर के लिए आते है। सफर करने वाले लोगों में बुजुर्गो व छोटे बच्चों की तादाद भी अच्छी खासी होती है। लेकिन स्थानीय रेलवे परिसर में लगभग पिछले 78 साल से रेल मंत्रालय ने प्लेटफार्म नंबर दो की दशा और दिशा में कोई भी परिवर्तन नहीं किया गया है। प्लेटफार्म का लेवल मिडल होने के कारण यहां आने वाली गाड़ियों के पायदान ऊंचे होने के कारण चढ़ने वाले लोगों में काफी धक्का मुक्की का माहौल बना रहता है। कई बार तो हालात ऐसे बनते हैं कि बुजुर्ग व बच्चे ट्रेन में चढ़ने से वंचित रह जाते हैं। यहां पर स्थिति उस समय अधिक विकट बन जाती है, जब अन्य यात्री गाड़ी में चढ़ जाए और उनके साथ आई महिलाएं व बच्चें यहां छूट जाए। स्थानीय दैनिक रेल यात्रियों ने रेल मंत्रालय से प्लेटफार्म का हाई लेवल करवाने की मांग की है, ताकि प्लेटफार्म की ऊंचाई पायदान तक हो सके। बाक्स: उठानी पड़ती है परेशानियां

अन्य परिवहन सेवाओं की अपेक्षा रेल गाड़ी का किराया काफी कम होता है। वहीं यात्रियों के लिए रेल का सफर भी काफी आराम दायक होता है। अधिकतर कम आय वाले लोग ट्रेन में ही सफर करना पसंद करते है। लेकिन कई बार प्लेटफार्म का लेवल नीचा होने के कारण ये गाड़ी में चढ़ने से वंचित रह जाते है। इस स्थिति में इन यात्रियों को किसी अन्य निजी वाहन में महंगा किराया वहन कर सफर करने को मजबूर होते है। ऐसे में इन यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक पीड़ा भी उठानी पड़ती है।

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क्या कहना है दैनिक यात्रियों का

जिले के दैनिक यात्री संघ प्रधान नरेश अंचल, बबलू यादव, राजकुमार, राकेश सोनी, दलबीर सिंह, हरिचंद, रोहित कुमार इत्यादि का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए हमने कई बार प्लेटफार्म को ऊंचा उठाने की मांग डीआरएम व अन्य अधिकरियों को लिखित व मौखिक रूप से कर चुके है, लेकिन अधिकारी कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे है। बाक्स: अभी बजट नहीं है और लग सकता है समय सहायक मंडल इंजीनियर देव किशन का कहना है कि प्लटेफार्म ऊंचा उठाना का कार्य प्रस्तावित है अभी उनके पास बजट भी नहीं बचा है। बजट आने पर प्लेटफार्म उंचा उठाना का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। फिलहाल कार्य शुरू होने में समय लग सकता है।

Posted By: Jagran

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