अभी तक एनएच 152 डी से प्रभावित पांच किसानों की हो चुकी मौत

संदीप श्योराण, चरखी दादरी:

जमीन अधिग्रहण की मुआवजा वृद्धि का मामला लंबे समय से सुर्खियों में बना हुआ है। किसान नेशनल हाइवे 152 डी के लिए अधिग्रहण होने वाली जमीन की मुआवजा राशि में वृद्धि की मांग को लेकर लंबे समय से धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को जमीन अधिग्रहण से प्रभावित गांव ढाणी फौगाट निवासी किसान महेंद्र की हार्ट अटैक से मौत हो गई। दो दिनों के अंदर दो किसानों की मौत होने के बाद किसानों में रोष बना हुआ है। मृतक किसान का दादरी के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। दादरी जिले के 17 गांवों के किसान बीते 26 फरवरी से धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को जमीन अधिग्रहण से प्रभावित व हर रोज धरने में शामिल होने वाले 58 वर्षीय किसान महेंद्र सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक किसान के भतीजे अनिल ने बताया कि महेंद्र सिंह धरने से थोड़ी ही दूरी पर स्थित अपने खेतों में काम कर रहा था। उसी दौरान सुबह करीब साढे 11 बजे उनके सीने में दर्द हुआ। जिसके बाद सूचना मिलने पर परिजन खेत पहुंचे और उनको दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद पुलिस ने कागजी कार्रवाई कर बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।

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धरना कमेटी का सदस्य था मृतक

मुआवजा वृद्धि की मांग को लेकर गांव ढाणी फौगाट में रामगनर धरने से अलग होकर 4 जुलाई को धरना शुरू किया गया था। धरने के संचालन के लिए क्षेत्र के गांवों की पंचायत आयोजित कर 13 सदस्यीय धरना कमेटी का गठन किया था। मृतक किसान उसी धरना कमेटी का सदस्य था और उसे कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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एक एकड़ का होना था अधिग्रहण

मृतक किसान के भतीजे अनिल ने बताया कि नेशनल हाइवे 152 डी के लिए महेंद्र सिंह की एक एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना था। उन्होंने कहा कि जिस जमीन का अधिग्रहण होना है उसी में उनका मकान भी स्थित है। इस संबंध में वे भू-राजस्व विभाग के कार्यालय भी गए थे। लेकिन वहां भी उनकी सुनवाई नहीं की गई। जिससे वे परेशान रहते थे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इनकम टैक्स ने उन्हें एक नोटिस भेज रखा है। जिसको लेकर भी वे परेशान थे। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों के चलते उन्हें हार्ट अटैक आया है। अनिल ने बताया कि वे हार्ट संबंधी बीमारी से ग्रस्त थे और थे उन्हें पहले भी दो बार हार्ट अटैक आ चुका था।

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किसानों ने जताया रोष

गांव ढाणी फौगाट सरपंच व धरना कमेटी सदस्य मंदीप फौगाट ने कहा कि सरकार किसानों की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिससे किसान मानसिक तनाव में हैं और लगातार उनकी मौत होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मृतक किसान महेंद्र सिंह भी मकान सहित एक एकड़ जमीन के अधिग्रहण को लेकर परेशान था। जिसके चलते उसकी मौत हुई। जिससे किसानों में रोष बना हुआ है। किसानों में रोष बना हुआ है।

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पांच किसानों की हुई मौत

जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसान बीते साढ़े छह माह से धरना दे रहे हैं। इस दौरान जमीन अधिग्रहण से प्रभावित पांच किसानों की मौत हो चुकी है। सबसे पहले 12 मई को गांव खातीवास निवासी किसान जगदीश ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद गांव ढाणी फौगाट निवासी किसान रामअवतार की ढाणी फौगाट धरने पर व खातीवास निवासी किसान धर्मपाल की अपने घर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। वहीं बुधवार को दातौली निवासी किसान दलबीर ने ने रामनगर धरने पर जहर खाकर जान दे दी थी व बृहस्पतिवार को गांव ढाणी फौगाट निवासी किसान महेंद्र की हार्ट अटैक से मौत हो गई।

Posted By: Jagran

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