जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : कितलाना टोल पर किसानों के अनिश्चितकालीन धरने के 222वें दिन वक्ताओं ने कहा कि किसान ने हमेशा विषम परिस्थितियों में काम कर जीत हासिल की है और आज भी उसी मुकाम पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में देर लग सकती है लेकिन आखिर में जीत किसानों की ही होगी। उन्होंने कहा कि जब आंदोलन शुरू हुआ तब सरकार सोच रही थी कि पंजाब के किसानों का हरियाणा साथ नहीं देगा। किसान आंदोलन को चले 252 दिन हो गए हैं हरियाणा के किसान ही नहीं हर वर्ग डटकर आंदोलन में साथ खड़ा है। यहीं वजह है कि ये आंदोलन जनांदोलन बन गया है और मजबूती से संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।

कितलाना टोल पर 222वें दिन खाप सांगवान चालीस के सचिव नरसिंह डीपीई, खाप श्योराण पच्चीस के प्रधान बिजेंद्र बेरला, फौगाट खाप के धर्मबीर फौगाट, किसान सभा के प्रताप सिंह, बलबीर बजाड़, मीरसिंह निमड़ीवाली, सुभाष यादव, शीला देवी, मामकौर डोहकी, निम्बो, कृष्णा, संतोष देशवाल ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि बहुत से किसानों के खेतों में पानी खड़ा है और सत्ताधारी चैन की बंसी बजा रहे हैं। ये रहे मौजूद

धरने का मंच संचालन सुखदेव पालवास ने किया। इस अवसर पर मास्टर ताराचंद चरखी, सूरजभान सांगवान, सुरेन्द्र कुब्जानगर, कप्तान रामफल, सुरेश डोहकी, सत्यवान कालुवाला, मंगल सुई, जागेराम डीपीई, दिलबाग ढुल, ईश्वर, सूबेदार सतबीर सिंह, पूर्व सरपंच लवली सिंह, प्रेम सिंह सांगवान इत्यादि मौजूद रहे।

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