जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : नागरिकों को अपने क्षेत्र के इतिहास की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। देश की आजादी के लिए हमारे रणबांकुरों ने किस प्रकार से अपना बलिदान दिया और उन्हें कौन-कौन से जुल्मों का सामना करना पड़ा इसका सही एहसास इतिहास जानकर ही हो सकता है। यह बात सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन तथा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) फखरुद्दीन ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत दादरी लघु सचिवालय परिसर में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से आयोजित की तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कही।

सोमवार को एडीजे फखरुह्नद्दीन व सीजेएम शिखा यादव ने प्रदर्शनी आयोजन की सराहना की। एडीजे ने कहा कि भारत को आजादी के लिए करीब दो सौ साल तक संघर्ष करना पड़ा था। इस दौरान हजारों लोगों की जानें चली गईं और लाखों लोगों को अंग्रेजों के अत्याचारों का सामना करना पड़ा था। हरियाणा प्रदेश और दादरी जिले के भी बहादुर लोगों ने ब्रिटिश हुकूमत का डटकर सामना किया था। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में लोक अदालत व विधिक सेवा प्राधिकरण की गतिविधियों को भी शामिल किया है। जिससे दर्शकों को निशुल्क कानूनी सहायता और कानूनी जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी मिलेगी। इतिहास से जुड़कर आगे बढ़ता है व्यक्ति

विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा यादव ने कहा कि हर एक देश, प्रदेश, गांव या जिले का अपना इतिहास होता है। इतिहास से जुड़कर व्यक्ति को आगे बढ़ने में आसानी होती है। झज्जर के नवाब राव तुलाराम ने जो लड़ाई लड़ी थी उसके बारे में यहां विस्तार से बताया गया है। इस अवसर पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी संदीप ने बताया कि इस प्रदर्शनी तीस नवंबर जारी रहेगी। मंगलवार को दोपहर बाद इसका समापन होगा।

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