जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : दादरी व आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। दादरी के लघु सचिवालय, कोर्ट परिसर के अलावा अन्य सार्वजनिक स्थानों से लेकर रिहायशी कालोनियों तक बंदर झुंड में घूमते हुए देखे जा सकते है। बंदरों का खौफ इतना बढ़ गया है कि अधिकांश लोग अपने घरों की छत पर जाने से भी कतराने लगे है। कुछ लोगों ने तो बंदरों से बचने के लिए छतों पर लोहे व लकड़ी के जाल तक लगवा लिए है। दादरी क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षो में दर्जनों लोग बंदरों द्वारा काटे जाने से घायल भी हो चुके है। लोगों को बंदरों से होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए दादरी नगर परिषद द्वारा वन्य प्राणी संरक्षण विभाग को पत्र भेजकर दादरी शहर से बंदर पकड़ने के लिए इजाजत मांगी थी। जिसके बाद वन्य प्राणी संरक्षण विभाग की तरफ से दादरी नगर परिषद को यहां से 500 बंदर पकड़ने की अनुमति दे दी गई है। जिसके बाद नगर परिषद द्वारा एक बार फिर से बंदर पकड़ने के लिए टेंडर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। बीती 14 नवंबर को हुई नप हाउस की बैठक में भी इस प्रस्ताव को पास किया गया था। उम्मीद लगाई जा रही है कि अगले एक या दो दिन में नगर परिषद ये टेंडर जारी कर देगी। टेंडर अलॉट होने के बाद शहर से बंदर पकड़ने का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। दादरी से पकड़े जाने वाले बंदरों को यमुनानगर जिले में स्थित कलेसर के जंगलों में छोड़ा जाएगा।

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हमला कर देते हैं बंदर

दादरी शहर में लगातार बढ़ रही बंदरों की संख्या से शहरवासी काफी परेशान है। दादरी के आश्रम रोड, हीरा चौक, दिल्ली रोड, बस स्टैंड क्षेत्र, झज्जर घाटी, बाबा रामदास नगर, सैनीपुरा, गांधी नगर इत्यादि ऐसे स्थान हैं जहां पर हमेशा झुंड में बंदर घूमते रहते है। इसके अलावा दादरी के लघु सचिवालय, न्यायिक परिसर व अन्य सरकारी दफ्तरों में भी काफी संख्या में बंदर घूमते रहते है। कई बार तो ये बंदर इनके पास से गुजरने वाले व्यक्तियों पर हमला कर देते है। बंदरों के हमले से काफी संख्या में लोग घायल हो चुके है।

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छतों पर जाने से कतराने लगे लोग

सर्दी के मौसम में लोग दोपहर के समय धूप का आनंद लेने के लिए बंदरों के भय के कारण अपने घरों की छत पर जाने में भी कतराते है। जब लोग बंदरों को भगाने का प्रयास करते हैं तो वे उन्हें ही काटने दौड़ पड़ते है। जिससे कई बार लोग छतों पर गिरकर भी चोटिल हो जाते है। इसके अलावा विभिन्न सड़कों, कालोनियों पर घूमने वाले बंदर छोटे बच्चों को भी अपना निशाना बनाने में नहीं चूकते। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को होती है। इनके अलावा झुंड में घूमने वाले बंदरों द्वारा छतों पर लगी टीवी डिश एंटिना, टंकियों के ढक्कन के अलावा अन्य तारों को भी तोड़ दिया जाता है। जिसके कारण लोगों को आर्थिक नुकसान भी वहन करना पड़ता है।

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जुलाई में भी लगाए थे टेंडर

दादरी नगर परिषद द्वारा इसी वर्ष जुलाई माह में भी शहर से 500 बंदर पकड़ने के लिए टेंडर लगाए थे। टेंडर में 700 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से दर तय की गई थी। लेकिन उस समय किसी भी पार्टी ने टेंडर के लिए आवेदन नहीं किया। जिसके बाद टेंडर को रद्द कर दिया गया था। अब दोबारा से नगर परिषद ने संबंधित विभाग से बंदर पकड़ने की अनुमति लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।

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एक-दो दिन में लगेंगे टेंडर : चेयरमैन

दादरी नगर परिषद के चेयरमैन संजय छपारिया ने बताया कि बंदरों की संख्या अधिक होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते नगर परिषद द्वारा एक-दो दिन में ही दोबारा से बंदर पकड़ने के लिए टेंडर लगाए जाएंगे। टेंडर अलॉट होने के तुरंत बाद काम शुरू करवा दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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