जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : सीटू के आह्वान पर सोमवार को जिला मुख्यालय दादरी में जिला प्रधान कमलेश भैरवी व किसान सभा जिला प्रधान रणधीर सिंह कुंगड़ के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। आशा वर्कर्स यूनियन राज्य प्रधान प्रवेश देवी ने कहा कि हरियाणा सरकार के साथ यूनियन का वर्ष 2018 में जो समझौता हुआ था उसे सरकार लागू नहीं करना चाहती। आशा वर्कर्स की काटी गई प्रोत्साहन राशि तुरंत वापस होनी चाहिए। कोविड 19 के संक्रमण के दौरान आशा वर्कर्स के निधन पर परिजनों को 50 लाख का बीमा, एक हजार की प्रोत्साहन राशि जारी रखने, जोखिम भत्ता चार हजार करने, गंभीर रूप से बीमार व दुर्घटना की शिकार आशा वर्कर को सरकारी पैनल के अस्पतालों में इलाज दिया जाए इत्यादि मांगों को लेकर नारेबाजी की गई। भवन निर्माण यूनियन जिला प्रधान सुरेंद्र आदमपुर ने कहा कि सरकार मजदूरों को 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी व न्यूनतम दो सौ दिन काम दे, महामारी के दौरान प्रति व्यक्ति 10 किलोग्राम अनाज व अन्य खाद्य सामग्री, 7500 महीना नकद राशि दी जाए, श्रम कानूनों के बदलाव को बंद किया जाए। एसकेएस जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत हो इसके लिए सकल घरेलू उत्पादन डीजीपी का 6 फीसद स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटित किया जाए। सरकारी विभागों में स्थाई भर्ती हो, सभी कच्चे कर्मियों को पक्का किया जाए, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, मिड डे मील, क्रेच कर्मियों, वन मजदूरों, ग्रामीण सफाई कर्मियों, ग्रामीण चौकीदारों को पक्का किया जाए। आवश्यक वस्तुओं पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतें कम की जाएं। इस अवसर पर सीआइटीयू जिला उप प्रधान जयभगवान रावलधी, किसान सभा जिला उप प्रधान धर्मवीर खेड़ीबूरा, नरेंद झींझर, जयसिंह समसपुर, जिला सचिव कर्ण सिंह समसपुर, कर्णसिंह हुई, पीटीआइ राज्य प्रधान धर्मेंद्र, जिला प्रधान सज्जन सिंह, हेमसा जिला प्रधान विजय लांबा, राज्य कमेटी सदस्य कृष्ण भागवी, आशा जिला सचिव राजवंती, अनिल, कविता, कृष्णा, निर्मला, प्रमिला, मुकेश, सरोज, पूनम इत्यादि भी उपस्थित रहे।

Edited By: Jagran