न डीजे का शोर, न मृत्युभोज पर भोज, हरियाणा के गांव का ऐतिहासिक फैसला; पूरे इलाके में हो रही तारीफ
भिवानी में धानक समाज की बैठक में मृत्यु भोज और शादियों में फिजूलखर्ची रोकने जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुधारों पर निर्णय लिया गया।
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मृत्यभोज पर लगी रोक, शादियों में डीजे बजाने पर भी बैन
HighLights
मृत्यु भोज और शादियों में फिजूलखर्ची पर रोक।
युवाओं को नशे से दूर रखने और शिक्षा पर जोर।
सामाजिक समारोहों में डीजे नहीं बजाने का निर्णय।
जागरण संवाददाता, भिवानी। समाज में बढ़ती कुरीतियों पर रोक लगाने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने के उद्देश्य से न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास स्थित संत कबीर आश्रम में धानक समाज की बैठक हुई।
बैठक में मृत्यु भोज, शादियों में फिजूलखर्ची, युवाओं में बढ़ते नशे और रिलेशनशिप के कारण प्रभावित हो रहे भविष्य सहित कई सामाजिक मुद्दों पर गंभीरता से मंथन किया गया। समाज के लोगों ने एकजुट होकर सामाजिक सुधारों को अपनाने और इन फैसलों को धरातल पर लागू करने का संकल्प लिया।
डॉ. कपूर लडवाल ने बताया कि बैठक में मृत्यु भोज जैसी परंपराओं को बंद करने और शादी-विवाह में अनावश्यक खर्च से बचने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके बजाय बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य पर धन खर्च किया जाना चाहिए। युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें शिक्षा व सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।
समारोहों में डीजे नहीं बजेगा, प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान
बैठक में सामाजिक समारोहों में डीजे नहीं बजाने का निर्णय लिया गया। समाज के लोगों का मानना था कि डीजे के कारण कई बार अभद्रता और अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा होती है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि हर वर्ष खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं के साथ-साथ समाज के उच्च पदों पर पहुंचने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर सुनील सोलंकी, राजू सोलंकी, प्यारे लाल, अशोक सोलंकी, राजेश खटक, सुनील कायत, राजकुमार सोलंकी, शंकर कुमार, बलबीर इटकान, रणधीर सिंह निंदानिया, सुखचैन हालुवासिया, कृष्ण कुमार, कालू, मा. रमेश, सोनू किराड़, रामफल नागर, करतार सिंह बड़ेसरा और बिजेंद्र इटकान मौजूद रहे।