जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : यूं तो चरखी दादरी को जिला बनाए हुए दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक हरियाणा फूड सेफ्टी विभाग की वेबसाइट पर चरखी दादरी नाम से कोई जिला ही नहीं हैं। जिसके चलते अभी तक जिले में फूड सेफ्टी विभाग द्वारा एक भी खाद्य पदार्थ निर्माता और विक्रेताओं के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। हालांकि विभागीय अफसर सरकार को वेबसाइट में संशोधन के लिए पत्र लिखने का दावा कर रहे हैं।

वर्ष 2016 के अंत में हरियाणा सरकार द्वारा चरखी दादरी को जिला घोषित किया गया था। जिसके बाद दादरी के लोगों के लिए सरकार द्वारा जिलास्तरीय सुविधाएं मुहैया करवानी शुरू की थी। दो साल बाद यूं तो जिले में अभी भी आधा दर्जन से अधिक विभाग के अफसरों के दफ्तर नहीं हैं। इसमें मुख्य बात है कि फूड एंड सेफ्टी विभाग की वेबसाइट पर भी अभी तक चरखी दादरी जिले का नाम नहीं हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वेबसाइट पर अभी तक जिले का नाम नहीं होने से व्यापारियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों की सेहत के साथ किया जा रहा खिलवाड़

फूड सेफ्टी विभाग के रिकार्ड के अनुसार अभी तक जिले में कोई भी लाइसेंस फूड सेफ्टी की ओर से जारी नहीं किया गया है। जबकि जिले में सैकड़ों की संख्या में मिठाई, पनीर, घी, खोवा आदि की दुकानें हैं। फूड सेफ्टी विभाग का इन पर कोई अंकुश न होने के चलते कई दुकानों पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए भी सामग्री बेची जा रही है। सरकार को लिखा है पत्र: एफएसओ

फूड एंड सेफ्टी अधिकारी सुरेंद्र पूनिया ने बताया कि अभी तक विभाग की वेबसाइट पर दादरी जिले का नाम नहीं है। इसके लिए सरकार को पत्र लिखकर वेबसाइट पर नाम चढ़ाने का अनुरोध किया गया है। जल्द ही वेबसाइट पर दादरी जिले का नाम अंकित करवा दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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