संवाद सहयोगी, बाढ़ड़ा :

ग्रामीणों ने गांव के सभी घुमंतू पशुओं को गोशाला में छोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। इससे ग्रामीणों की काफी परेशानियां दूर हो गई हैं। इसके साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि भविष्य में साथ लगते किसी गांव का कोई व्यक्ति उनके गांव के क्षेत्र में पशु छोड़ता पाया गया तो उस उसे सामाजिक दंड देने के साथ ही 51 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। गांव नांधा के मुख्य चौक में आयोजित सामाजिक पंचायत को संबोधित करते हुए सरपंच प्रतिनिधि दिनेश नांधा ने कहा कि गांव में घुमंतू पशुओं के कारण बड़ी समस्याएं हो रही थीं। ये पशु खेतों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हादसों का पर्याय भी बने थे। ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर सभी पशुओं को गोशाला में भेज दिया है। लेकिन अभी भी कुछ साथ लगते गांव के लोग अपने वहां के घुमंतू पशुओं को रात्रि के समय यहां पर छोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जिसे अब सहन नहीं किया जाएगा। ग्राम सभा में कैलाश चंद्र, गुणपाल ¨सह, सुरेन्द्र ¨सह, पूर्व सरपंच सुमेर ¨सह, जगत ¨सह, सुबेदार रामेश्वर, शिवकुमार, जुगती राम, मा. धर्मपाल, पूर्व सरपंच सूबे ¨सह, महाबीर, हवा ¨सह, अनिल, बनवारी, धनपत ¨सह, मामन शर्मा, चित्रसेन, रामबीर पंघाल इत्यादि मौजूद थे।

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घुमंतू पशु बने थे बड़ी परेशानी

रबी फसलें पकने को तैयार हैं। लेकिन घुमंतू पशु इन्हें बर्बाद कर रहे हैं। किसान दिन और रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। आखिरकार पूरे गांव ने अपनी ओर से व्यवस्था कर इन्हें गोशाला भिजवाने का काम किया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश सरकार कहीं नंदीशालाओं के माध्यम तो कहीं उपायुक्तों द्वारा ग्राम स्तर पर प्रबंध करवाने के आदेश देकर अपने कर्तव्य की पूर्ति कर रही है। लेकिन धरातल पर इन पशुओं पर रोकथाम नहीं लग रहा। जिस कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।

Posted By: Jagran

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