पवन शर्मा, बाढड़ा :

केन्द्र सरकार ने आखिरकार बिना चकबंदी व बिना ऑनलाइन जमाबंदी सुविधा से वंचित गांवों के किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की प्रथम किश्त भेज दी है। पांच माह से इंतजार कर रहे अकेले दादरी व बाढड़ा क्षेत्र के लगभग ढाई हजार किसानों के खातों में दो-दो हजार से अधिक की राशि पहुंचने पर उन्होंने खुशी जताई है। किसान संगठनों के कई बार के आंदोलनों व सांसद एवं विधायक के प्रयासों से कृषि विभाग ने लंबे समय बाद किसानों की सुध ली है। केन्द्र सरकार ने फरवरी माह के समय आवंटित बजट में देश भर के किसानों के लिए दो-दो हजार की पीएम सम्मान निधि योजना आरंभ करते हुए ग्राम स्तर पर शिविर लगा कर किसानों से साधारण तरीके से आवेदन लेकर उनके खातों में राशि भेजने का काम किया। इस योजना में पारदर्शिता बरतते हुए सरकार ने पूरा कार्य ऑनलाइन किया। लेकिन इस योजना में क्षेत्र के कई गांवों के हजारों किसानों को कागजातों में कमी के चलते से वंचित कर दिया गया। गांव काकड़ौली, जगरामबास, लाड, निहालगढ़, टोडी बेरला, माईकलां समेत अनेक गांवों में विभाग ने शिविर लगा कर सभी शर्तें पूरी करने वाले किसानों के आवेदन तो प्राप्त किए लेकिन बाद में चकबंदी व जमाबंदी ऑनलाइन न होने का कारण बताकर सारे आवेदन रद्दी की टोकरी में डाल दिए। केन्द्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले ही सभी स्वीकृत लाभ पात्रों के खातों में चार-चार हजार रुपये जमा करवा दिए, लेकिन इन हजारों किसानों को जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तक एक पैसा भी नहीं मिला तो किसानों ने इस मामले को लेकर भाकियू समेत अन्य संगठनों के साथ आंदोलन शुरू कर दिया। सांसद धर्मबीर सिंह व विधायक सुखविद्र मांढी ने दादरी के उपायुक्त एमके आहुजा व राज्य मुख्यालय के अधिकारियों को अवगत कराया। जिला उपायुक्त दादरी ने वंचित गांवों के सभी किसानों के मौजूदा आवेदन पत्रों को तुरंत ऑनलाइन करवाना आरंभ कर दिया। कई किसानों के आवेदन पत्रों में कमी या अन्य विभागीय त्रुटि पाए जाने पर कृषि एवं राजस्व विभाग की टीमों के माध्यम से गांवों में भिजवा कर उनको दुरुस्त किया और किसानों को पांच माह बाद अपने-अपने खातों में दो-दो हजार की राशि मिली है।

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वंचित किसानों ने भी सुध लेने की मांग की

केन्द्र सरकार ने तीन चरणों में आवेदक किसानों के खातों में राशि तो भेज दी, लेकिन अब भी उपमंडल के कई गांवों के किसान इस योजना से जुड़ नहीं पाए हैं। उपमंडल में तीन हजार से अधिक किसानों के आवेदन पत्र तो विभाग के पास पहुंच गए थे। लेकिन कई लाभपात्रों द्वारा शर्तों पर खरा न उतरने के कारण उनको बार-बार योजना शुरू होने के बाद भी चयनित नहीं किया गया। गांव काकड़ौली हट्ठी निवासी अजीत सिंह, जगरामबास के सरपंच प्रतिनिधि बंसी शर्मा, पूर्व सरपंच विजय मोटू, शीशराम धनखड़ ने बताया कि अब भी तीस प्रतिशत किसान इस योजना के लाभ से वंचित हैं।

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आवेदन लिए जा रहे हैं : तहसीलदार

इस बारे में तहसीलदार मुकेश कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उपमंडल के सभी गांवों के किसानों को योजना से जोड़ने के लिए लगातार आवेदन लिए जा रहे हैं। जो पहले गांव थे, उनके खातों में चार माह पहले ही दो किश्तें आ चुकी हैं वहीं बिना चकबंदी या जमाबंदी वाले किसानों के खातों में भी राशि अब पहुंच रही है। पिछले दो सप्ताह में भी पांच एकड़ से अधिक भूमि मालिक व पुराने समय में अधूरे आवेदनों पत्रों की भी कृषि विभाग द्वारा त्रुटि ठीक की जा रही है। इन किसानों को भी सरकार इस योजना का पूरा लाभ देने के लिए कटिबद्ध है। सांसद धर्मबीर सिंह व विधायक सुखविद्र ने किसानों को आश्वस्त किया है कि उनके हित में और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

Posted By: Jagran

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