मदन श्योराण, ढिगावा मंडी:

जलभराव की निकासी न होने के कारण क्षेत्र में 50 एकड़ पर नरमा कपास की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है।

क्षेत्र के आसपास के इलाकों में करीब 250 एमएम बारिश होने के कारण नरमा कपास, ग्वार और बाजरे की फसल में पानी खड़ा हो गया था। 9 दिन तक लगातार बारिश होने के कारण क्षेत्र के कई किसान अपनी खड़ी फसल से पानी निकालने में असमर्थ रहे। लगातार बारिश होने के कारण करीब 100 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में 2 से 2.5 फिट पानी खड़ा हो गया था, पानी ज्यादा खड़ा होने के कारण नरमा कपास, बाजरा और ग्वार की फसल जलनी शुरू हो गई है।

क्षेत्र के गांव कुंडल, झंझड़ा और बरालू के करीब 50 एकड़ जमीन में नरमा कपास की फसल जल रही है और इतने ही एकड़ में किसानों की नरमा कपास जलभराव की चपेट में आई हुई है ।

कुड़ल निवासी किसान रजनीश बाम्बल,जयप्रकाश, पपू बाम्बल आदि किसानों ने कहा कि नरमा कपास में काफी नुकसान है। उन्होंने स्पेशल गिरदावरी करवाकर सरकार से मुआवजे की मांग की है, ताकि उनके हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। इस बारे में कृषि अधिकारी डॉक्टर चंद्रभान ने कहा कि कपास फसल में 24 घंटे अगर पानी खड़ा रहता है और निकासी नहीं की जाती है तो कपास की फसल खराब होने की आशंका बन जाती है। फसल खराब होने के बाद उसका उपचार संभव नहीं है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस