जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :

सरकार की ओर से नवदंपती को विवाह पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। प्रोत्साहन राशि देने की भी सार्थक पहल की गई है। इस योजना के तहत विवाह के 30 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले दंपती को प्रोत्साहन स्वरूप 1100 रुपये व मिठाई का डिब्बा दिया जाएगा। जो व्यक्ति विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में कवर नहीं होते, उन्हें विवाह पंजीकरण योजना के तहत लाभ भी सरकार द्वारा दिया जाएगा। एसडीएम हितेंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले परिवारों की लड़की की शादी के लिए 51 हजार रुपये तक शगुन सहायता राशि प्रदान की जाती है। लड़की की आयु 18 वर्ष या इससे अधिक तथा लड़के की आयु 21 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए। इसके लिए आनलाइन आवेदन करना होता है। योजना की पात्रता शर्तों के संदर्भ में बताया कि अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति व टपरीवास जाति के बीपीएल परिवारों को उनकी लड़की की शादी के लिए 51 हजार की सहायता राशि दी जाती है। इन जातियों का व्यक्ति यदि बीपीएल नहीं है तो उनकी वार्षिक आय एक लाख से कम हो या ढ़ाई एकड़ से कम जमीन होने पर उसकी लड़की की शादी में 11 हजार की सहायता राशि दी जाती है। पिछड़े वर्ग का व्यक्ति बीपीएल, आय एक लाख से कम या ढ़ाई एकड़ से कम जमीन हो तो उसकी लड़की की शादी में 11 हजार की सहायता राशि दी जाती है। सामान्य वर्ग का व्यक्ति यदि बीपीएल है तथा आय एक लाख रुपये से कम हो या ढ़ाई एकड़ से कम जमीन होने पर उसकी लड़की की शादी में भी 11 हजार की सहायता राशि दी जाती है। किसी भी जाति एवं बिना आय निर्धारण के महिला खिलाड़ी को स्वयं की शादी के लिए 31 हजार की सहायता राशि प्रदान की जाती है। सभी जातियों के सामूहिक विवाह समारोह में विवाह करने वाले वर-वधु को 51 हजार की सहायता राशि दी जाती है। एसडीएम ने बताया कि जो व्यक्ति इस योजना में कवर नहीं होते उन्हें विवाह पंजीकरण योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। विवाह के बाद सभी को रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाना चाहिए। भविष्य में भी विवाह पंजीकरण के काफी फायदे मिलते हैं।

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