जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :

पहले से ही चिता में डूबे किसानों का संकट मौसम ने और बढ़ा दिया है। पूर्वानुमान के तहत शनिवार का दिन पूरी तरह बरसात के नाम रहा। हालांकि बरसात तेज नहीं हुई लेकिन शुक्रवार रात से ही हल्की बरसात का दौर शुरू हो गया था जो शनिवार को रुक-रुककर दिन भर जारी रहा। इस दिन शाम तीन बजे तक कृषि विभाग की ओर से बहादुरगढ़ में सात एमएम बारिश दर्ज की गई। क्षेत्र में बड़े रकबे में सरसों और गेहूं को नुकसान पहुंच रहा है। यह रोजाना बढ़ रहा है। जहां-जहां पर यह फसल में अभी पानी भरा हुआ है या फिर जमीन पूरी तरह गीली पड़ी है, वहां पर गेहूं की फसल को बचा पाना बड़ा मुश्किल होगा। जहां पर अत्यधिक पानी भर गया वहां पर तो फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। रविवार को भी बरसात हो सकती है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि गेहूं की फसल में इस बार बड़े रकबे में नुकसान होगा। लंबे अरसे बाद इस तरह की मौसमी स्थिति बनी है। सात से आठ दशक की उम्र पार कर चुके लोगों को यह याद भी नहीं कि इससे पहले कभी रबी सीजन में इतनी बरसात हुई थी क्या नहीं। इस बार तो खरीफ सीजन भी बड़ा नुकसानदायक रहा और अब रबी सीजन में भी प्रकृति का प्रकोप फसलों पर आन पड़ा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। काफी किसान तो ऐसे हैं जिनको कई-कई लाख रुपये का नुकसान होगा। बाजारों पर दिखा असर :

बरसात दिन भर जारी रहने से बाजारों में भी चहल-पहल कम रही। सड़कों पर वाहन कम रहे। लोग जरूरी कार्यों के लिए ही बाहर निकले। हालांकि तापमान में ज्यादा अंतर नहीं दिखा। अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदूषण का स्तर इस बरसात से कुछ कम हुआ है। शुक्रवार को एक्यूआइ में पीएम 2.5 का स्तर 342 दर्ज किया गया था। यह शनिवार को 250 पर आ गया। प्रदूषण और दूसरी परिस्थितियां तो इतनी ज्यादा खतरनाक नहीं जितना यह मौसम फसलों के लिए बना हुआ है। इधर, बरसात के कारण सड़कों पर कीचड़ बना रहा। इससे भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जहां पर सफाई नहीं हो रही है वहां पर सड़कों पर जमा मिट्टी इस बरसात के कारण कीचड़ में तब्दील हो गई। ऐसे में पैदल राहगीरों के लिए तो और भी ज्यादा मुसीबत रही। कृषि विभाग ने भेजी रिपोर्ट:

कृषि विभाग की ओर से भी रिपोर्ट सरकार को भेजी जा चुकी है। बहादुरगढ़ के कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी डा. सुनील कौशिक ने बताया कि पिछले दिनों जो बरसात हुई थी। उसके बाद क्षेत्र में सरसों की फसल में नुकसान सामने आया था। इसको लेकर रिपोर्ट भेज दी गई थी। अब गेहूं में नुकसान की संभावना बनी हुई है। इसको लेकर भी सर्वे करके रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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