जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :

पश्चिम बंगाल के बाद सोमवार को बिहार के कामगारों के साथ भी वहीं परेशानी आई। यहां से बस में गुरुग्राम भेजे गए 35 कामगार ट्रेन में जगह न मिलने पर गुरुग्राम से वापस लौटा दिए गए। बाद में इन्हें शेल्टर होम में ठहराया गया।

इधर, मोक्ष सेवा समिति ने प्रशासन से मांग की है कि व्यवस्था मुकम्मल होने की स्थिति में ही कामगारों को बुलाया जाए। इधर, एक दिन पहले वापस लौटाए गए पश्चिम बंगाल के कामगारों में से 92 को प्रशासन ने सोमवार को यहां से रवाना किया। एसडीएम तरूण कुमार पावरिया ने कहा कि अनलॉक-1 के तहत शुरू हुई वाणिज्यिक गतिविधियों के परिणामस्वरूप अब काफी कामगारों को यहां रोजगार फिर से मिल गया है। जो गृह जिलों में जाने के इच्छुक हैं उन्हें निर्धारित शेड्यूल अनुसार भेजा जा रहा है और फिर से अपनी कर्मस्थली आने का न्यौता भी दिया गया है। सोमवार को राजकीय महाविद्यालय परिसर से पश्चिम बंगाल के लिए बहादुरगढ़ से 92 पंजीकृत कामगारों को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया। जहां से वे पश्चिम बंगाल जाने वाली ट्रेन में सवार हुए। जिला उपायुक्त जितेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में कामगारों को उनके गृह जिलों में भेजने की व्यवस्था की गई है। जो यहीं रहकर कार्य करना चाहतें हैं उन्हें पूरा सहयोग दिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल जाने वाले कामगारों को अस्थायी शेल्टर होम में भोजन व अन्य खाद्य सामग्री देकर उनके स्वास्थ्य की जांच के बाद बसों में बैठाया गया। इस अवसर पर बीडीपीओ रामफल, नायब तहसीलदार जगबीर सिंह व कर्मचारी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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