यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड कर्मचारी से तीन बदमाशों ने बहादुरगढ़ के पास पिस्तौल के बल पर छीनी गाड़ी
तीन बदमाशों ने पिस्तौल के बल पर दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड कर्मचारी से गाड़ी छीन ली। उनका माेबाइल भी ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ : दिल्ली-रोहतक रोड पर तीन बदमाशों ने पिस्तौल के बल पर दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड कर्मचारी से गाड़ी छीन ली। उनका माेबाइल भी ले गए। वे अपने गांव से घर लौट रहे थे, तब यह घटना हुई। आसौदा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। अभी बदमाशों का पता नहीं चल पाया है। दिल्ली के नजफगढ़ में लोकेश पार्क एक्सटेंशन में रहने वाले धर्मबीर के साथ यह घटना हुई। वे सोमवार को आल्टो कार लेकर अपने गांव हसनगढ़ गए थे। वापसी में बाईपास पर जाखौदा गांव के पास रुक गए। करीब सात बजे वे कार से लघुशंका के लिए नीचे उतरे थे।
जब वापस कार में बैठने लगे तो इसी बीच एक पिस्तौलधारी वहां आ धमका। उसने पिस्तौल तानकर धमकी दी कि नीचे उतर वरना गोली मार दूंगा। इस पर वे खिड़की खोलकर नीचे उतर गए। तभी देखा कि पिस्तौलधारी के दो और साथी वहां थे। एक कार के पीछे और दूसरा कार के दूसरी साइड में खड़ा था। तीनों ने धमकी दी कि शोर किया तो जान से मार देंगे। पिस्तौलधारी बदमाश ने उनकी जेब से जबरन मोबाइल निकाल लिया। इसके बाद तीनों गाड़ी में बैठे और बहादुरगढ़ की तरफ भाग निकले।
गाड़ी में तमाम दस्तावेजों के अलावा उनके दिल्ली पुलिस के आइ कार्ड की पुरानी फोटोकापी भी थी। अंधेरा होने के कारण वे तीनों बदमाशों का चेहरा नहीं देख पाए। इसके बाद उन्हें थाने का पता नहीं था। वे बाईपास से लिफ्ट लेकर बहादुरगढ़ आए। यहां सड़क किनारे खड़े लोगों को इस बारे में बताया। उन्होंने आसौदा थाना का पता बताया।
मंगलवार को वे थाने का पता करके पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई। गौरतलब है कि जाखौदा के पास ही सोमवार की सुबह भी एक श्रमिक ठेकेदार पर हमला करके 61 हजार रुपये और मोबाइल छीन लिया गया था। शाम को फिर यह वारदात हो गई। इधर, आसौदा थाना प्रभारी जसबीर सिंह का कहना है कि घटना को लेकर छानबीन की जा रही है।
