जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़:

2019 के चुनावों को लेकर अपने गढ़ को मजबूत करने में जुटे छोटे और बड़े हुड्डा को अपने ही लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। लोकसभा व विधानसभा चुनाव को लेकर रूठों को मनाने में जुटे छोटे हुड्डा को भी जहां बहादुरगढ़ में कुछ दिन पहले अपने खास लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा और वे बहादुरगढ़ में उनके साथ भी कहीं नजर नहीं आए, तो रविवार को बहादुरगढ़ में आयोजित पंजाबी एकता सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र ¨सह हुड्डा के कार्यक्रम से भी उनके खास लोगों ने दूरी बनाए रखी। हालांकि हुड्डा के ये खासमखास लोग अपनी व्यस्तता के कारण इस कार्यक्रम में आने का बहाना बनाते रहे लेकिन सम्मेलन के आयोजक सुरेंद्र खत्री के साथ मतभेद होने की वजह से शहर के इन खास कांग्रेसियों ने इस कार्यक्रम में भाग नहीं लिया। अपने आप की गिनती हुड्डा के खास सिपहसालारों में गिनवाने वाले पूर्व विधायक राजेंद्र जून व नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रवि खत्री की ओर से इस कार्यक्रम से बनाई गई दूरी शहर में खासी चर्चा का विषय बनी रही। लोगों का कहना था कि हुड्डा अपने ही लोगों की वजह से अपने गढ़ में कमजोर हो रहे हैं। इसी वजह से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने भी पिछले दिनों बहादुरगढ़ में हुड्डा को निशाना पर लेते हुए कहा था कि वे पहले अपने घर को संभालें। साथ ही प्रदेश के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने भी पिछले दिनों दावा किया थ कि वे इस बार रोहतक लोकसभा के चुनाव में सांसद दीपेंद्र ¨सह हुड्डा को हराकर ही दम लेंगे। ऐसे में यहां के चु¨नदा कांग्रेसियों की ओर से बहादुरगढ़ में पहले दीपेंद्र ¨सह हुड्डा के कार्यक्रम को नजरअंदाज करना और अब शहर में आयोजित पंजाबी एकता सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र ¨सह हुड्डा के कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजेंद्र ¨सह जून व नप के पूर्व चेयरमैन रवि खत्री का भाग न लेना काफी कुछ चर्चाओं को बल दे गया है। इस मामले में पूर्व विधायक राजेंद्र ¨सह जून के सचिव सुरेंद्र छिल्लर ने बताया कि राजेंद्र जून की तबीयत खराब थी। इसीलिए वे कार्यक्रम में नहीं आए और पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने कहा कि वे रोहतक किसी व्यक्तिगत काम से गए हुए थे।

भाजपा ने किया छत्तीस बिरादरी के भाईचारे को तोड़ने का काम:हुड्डा

बहादुरगढ़ के ग्लोबल मोंटेसरी स्कूल में कांग्रेसी नेता सुरेंद्र खत्री की ओर से आयोजित पंजाबी एकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र ¨सह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के विकास में पंजाबियों का बहुत बड़ा योगदान दिया है। कांग्रेस राज में भी पंजाबियों को काफी बढ़ावा दिया गया। हमारी सरकार के राज में कई अहम पदों पर पंजाबियों को नियुक्त किया गया था, मगर भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश में 36 बिरादरी के भाईचारे को तोड़ने का काम किया है। जाट आरक्षण आंदोलन में प्रदेश में जो जान-माल का नुकसान हुआ था, उसके लिए पूरी तरह भाजपा सरकार जिम्मेदार है। प्रकाश ¨सह कमेटी की रिपोर्ट को भी सरकार ने दबा लिया। हम समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं लेकिन भाजपा समाज को तोड़ने का काम कर रही है। वोट की राजनीति में भाजपा ने समाज के भाईचारे को तोड़ने का काम किया। इससे प्रदेश हर मामले में पिछड़ गया है। कांग्रेस राज में प्रदेश विकास के मामले में नंबर वन था। इस सरकार के राज में बहादुरगढ़ में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। ऐसे में समय आ गया है कि हरियाणा को नंबर वन बनाना है और सभी समाज को एकत्र करते हुए आगे बढ़ना होगा। ये रहे मौजूद:

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व विधायक संत कुमार, हरियाणा टूरिज्म के पूर्व चेयरमैन चक्रवर्ती शर्मा, प्रो. विरेंद्र ¨सह, नगर परिषद की चेयरपर्सन शीला राठी, वाइस चेयरमैन विनोद कुमार, सतीश छिकारा, सतपाल राठी, राजपाल आर्य, संदीप राठी, प्रियव्रत दलाल आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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