जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :

शहर में कई जगहों पर नाले ठप हैं। उनमें निकासी नहीं हो रही है। ऐसे में नालों की गंदगी सड़कों पर जमा हो रही है। इससे लोग परेशान हैं। नालों का गंदा पानी सड़कों पर जमा होने से वहां पर गड्ढे बन चुके हैं। वाहन तक नहीं निकल पा रहे। इधर, नगर परिषद की ओर से इसके लिए बीएंडआर को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। शहर के झज्जर रोड से सेक्टर-छह की तरफ जाने वाले परशुराम मार्ग पर इन दिनों बुरा हाल है। यहां पर जलघर की दीवार के साथ बना नाला ठप है। इसका गंदा पानी सड़क पर जमा होता है। इसकी वजह से रोजाना हजारों लोग परेशान होते हैं। लोगों का कहना है कि नाले की सफाई न होने के कारण यह हालत बनी हुई है। वहीं बालौर रोड और मितराऊ रास्ता पर भी यही हालत है। पूर्व पार्षद वजीर राठी का कहना है कि नालों की सफाई न होने के कारण गंदा पानी इधर-उधर जमा होता है। नियमित रूप से नालों की सफाई होनी चाहिए, मगर ऐसा नहीं हो रहा। नगर परिषद की ओर से धींगामस्ती की जा रही है। नालों पर लगे लोहे के जाल के ओपनर भी चोरी :

शहर में नालों की सफाई का मसला तो गंभीर बना हुआ ही है साथ में नालों पर लगे लोहे के जाल के ओपनर चोरी हो रहे हैं। रेलवे रोड पर दुकानदार अरुण जैन ने बताया कि सीनियर सेकेंडरी स्कूल के गेट के पास लगाए गए लोहे के जाल के दोनों तरफ के ओपनर चोरी हो चुके हैं। इसके कारण यहां से गाड़ी नहीं निकल पा रही हैं। गाड़ी निकालने की कोशिश में नाले के अंदर टायर फंस रहे हैं। सोमवार को भी ऐसा ही हुआ। कई जगह सड़क और नाले बीएंडआर के जिम्मे : ईओ

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) संजय रोहिल्ला का कहना है कि शहर में कई सड़कें और बीएंडआर के अधीन हैं। उनकी जिम्मेदारी बीएंडआर के अंतर्गत ही है। फिर भी नालों की सफाई करवाई जाएगी। जहां तक नालों पर लगे लोहे जाल के ओपनर चोरी होने का सवाल है तो इस पर लोगों को भी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। नालों की सफाई बीएंडआर का काम नहीं : एक्सईएन

लोक निर्माण विभाग की बीएंडआर शाखा के एक्सईएन अनिल रोहिल्ला का कहना है कि शहर में कुछ सड़कें और नाले बीएंडआर ने जरूर बनवाई हैं, लेकिन नालों की सफाई और रखरखाव तो नगर परिषद का काम है। यह मसला राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और जिला प्रशासन की बैठक में भी स्पष्ट हो चुका है कि जिन नालों का निर्माण बीएंडआर ने करवाया है, उनका उद्देश्य केवल सड़क के बरसाती पानी की निकासी है। अगर उन नालों में कालोनियों के गंदा पानी की निकासी की जाती है तो फिर उनकी सफाई और मरम्मत का काम नगर परिषद द्वारा ही करवाया जाएगा। बीएंडआर के पास सफाई के लिए कोई बजट नहीं होता। नगर परिषद द्वारा जो विकास शुल्क लिया जाता है, वह इसी सुविधा के लिए तो होता है।

Edited By: Jagran